उत्तर प्रदेशराज्‍य

क्लैट यूजी की मेरिट सूची संशोधित करने के आदेश पर रोक, इलाहाबाद हाइकोर्ट की खंडपीठ का अंतरिम आदेश

प्रयागराज :इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने CLAT-UG 2026 की मेरिट लिस्ट को पूरी तरह से दोबारा तैयार करने के एकल-न्यायाधीश के पिछले आदेश पर रोक लगा दी है। इस फैसले से उन हजारों उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है जो आगे के काउंसलिंग राउंड का इंतजार कर रहे थे। अब मौजूदा मेरिट लिस्ट को ही वैध माना जाएगा और प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी तत्काल बदलाव के सुचारू रूप से जारी रहेगी।

​क्या था पूरा मामला?

​यह विवाद तब शुरू हुआ जब CLAT 2026 के एक अभ्यर्थी अवनीश गुप्ता ने कोर्ट में याचिका दायर की। उनका आरोप था कि फाइनल आंसर-की जारी होने से पहले उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर सही से विचार नहीं किया गया था।

उनका दावा था कि आंसर-की की गलतियों के कारण उनकी रैंक और पसंदीदा कॉलेज में दाखिले की संभावना प्रभावित हुई है। इस पर सुनवाई करते हुए एकल-न्यायाधीश ने पूरी रैंक लिस्ट दोबारा कैलकुलेट करने का निर्देश दिया था।

​एडमिशन प्रक्रिया में रुकावट की दलील

​एकल-न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देते हुए ‘कंसोर्टियम ऑफ एनएलयू’ ने खंडपीठ के सामने दलील दी कि इस स्तर पर मेरिट लिस्ट में कोई भी बड़ा बदलाव पूरी एडमिशन प्रक्रिया को अस्त-व्यस्त कर देगा। इससे उन हजारों छात्रों के लिए भी अनिश्चितता पैदा हो जाएगी जो पहले ही काउंसलिंग में शामिल हो चुके हैं। इन बिंदुओं पर गौर करते हुए खंडपीठ ने फिलहाल बदलाव की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

​छात्रों के लिए आगे की स्थिति

​अदालत के इस स्थगन आदेश के बाद वर्तमान मेरिट लिस्ट प्रभावी रहेगी। कंसोर्टियम जल्द ही काउंसलिंग की अपडेटेड तारीखों की घोषणा कर सकता है, जो शुरुआती आदेश के बाद अनिश्चित हो गई थीं। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर आने वाले अपडेट्स पर नज़र रखें। जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक मौजूदा रैंक के आधार पर ही दाखिले की प्रक्रिया चलती रहेगी।

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