उत्तर प्रदेशराज्‍य

UP STF ने सॉल्वर गैंग के 9 सदस्यों को किया गिरफ्तार; प्रतियोगी परीक्षा में हुए थे शामिल

लखनऊ। जालसाजों ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित जूनियर सेक्रेट्रेरियट असिस्टेंट समेत कई अन्य परीक्षाओं में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर श्रुतिलेखक (मुख्य अभ्यर्थी के उत्तर सुनकर पुस्तिका में लिखने वाले साल्वर) बैठाने वाले गिरोह के नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।

यह लोग मूल अभ्यर्थी के फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र तैयार करते थे और परीक्षा में पेशेवर श्रुतिलेखक हासिल कर लेते थे। अभ्यर्थी के स्थान पर पेशेवर व्यक्ति पेपर में उत्तर लिखता था। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ विकास नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

एसटीएफ के उपाधीक्षक विमल कुमार सिंह ने बताया कि 22 से 25 मार्च के बीच सीबीएसई की ओर से एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल भर्ती टियर-दो जूनियर सेक्रेटरियेट असिस्टेंट परीक्षा का आयोजन किया गया था।

एसटीएफ को परीक्षा सकुशल सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान सूचना मिली की झांसी, जालौन और उसके आसपास के जिलों में एक गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह बेरोजगारों को नौकरी का लालच देकर उनसे रुपये लेता है फिर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिलवा देता है।

इसके बाद दलालों की मदद से परीक्षाओं में अभ्यर्थी स्वयं को दिव्यांग घोषित करते फिर जाली प्रमाण पत्र और दस्तावेजों के आधार पर गैंग के लोग अभ्यस्त श्रुतिलेखक दिलवा देते थे। यह श्रुतिलेखक मूल अभ्यर्थी के स्थान पर खुद सभी उत्तर हल करते थे।

यह लोग 24 मार्च को विकास नगर की सेंट्रल एकेडमी में भी परीक्षा दे रहे थे। सूचना पर एसटीएफ की टीम ने छापेमारी कर आठ लोगों को मौके से पकड़ा लिया। इनमें अभ्यर्थी और श्रुतिलेखक शामिल थे। एसटीएफ ने इनसे पूछताछ की तो आरोपितों ने अपने एक साथी के बारे में जानकारी दी।

निशानदेही पर पुलिस ने उसे गोरखपुर से पकड़ा। पूछताछ के आधार पर बुधवार को एसटीएफ ने सरगना समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सरगना की पहचान झांसी के मेडिकल कॉलेज थाना स्थित सलफान अशोक सिटी निवासी मनीष मिश्रा के रूप में हुई है।

इसके साथ ही परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी और श्रुतिलेखक झांसी के मोठ निवासी राज किशोर, दिल्ली के विजय विहार रोहिणी निवासी नीरज झा, झांसी के पूंछ निवासी राम मिलन, सहारनपुर के रवि नगर निवासी सत्यम कुमार (वर्तमान पता- जानकीपुरम विस्तार, लखनऊ), झांसी के मोठ का रहने वाला आकाश अग्रवाल, सौरभ सोनी, जालौन के कोंच का रहने वाला अभिषेक यादव, अमेठी के मुसाफिर खाना का रहने वाला दीपक कुमार के रूप में हुई है।

विकास नगर थाने में आरोपितों के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। इनके पास से 13 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, नकदी, आधा दर्जन कूट रचित दस्तावेज भी मिले हैं।

एसटीएफ इनके गिरोह के अन्य सदस्यों को तलाश रही है। आरोपित परीक्षा में पास कराने के लिए अभ्यर्थियों से 12 से 14 लाख रुपये वसूलते थे।

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