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प्रशिक्षण के दौरान महिला कांस्टेबल ने की खुदकुशी, बैरक के बाथरूम में लटकी मिली लाश

कन्नौज। पुलिस लाइन स्थित हास्टल के बाथरूम में शुक्रवार दोपहर प्रशिक्षु महिला आरक्षी का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस अधिकारी मामले को खुदकुशी बता रहे हैं। छानबीन में सामने आया कि प्रशिक्षु सिपाही का एटा में रहने वाले युवक से प्रेम-प्रसंग चलता था। वीडियो काल कर युवती ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। साथियों का कहना है कि प्रशिक्षु महिला आरक्षी दो-तीन दिन से तनाव में थीं। एसपी विनोद कुमार ने स्वयं मामले की जांच शुरू की है।

एटा जनपद के कस्बा जलेसर के मुहल्ला हथौड़ा निवासी 24 वर्षीय रानू जादौन पुत्री श्यामवीर सिंह हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पद पर भर्ती हुई थीं। उनकी तैनाती कन्नौज में हुई थी। वह 111 अन्य महिला आरक्षियों के साथ पुलिस लाइन स्थित संयुक्त प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण ले रहीं थीं। पुलिस लाइन स्थित छह मंजिला हास्टल के प्रथम तल पर वह जलेसर निवासी आरक्षी शिवानी जादौन के साथ रहती थीं।

शुक्रवार सुबह करीब सात बजे अन्य प्रशिक्षु आरक्षियों के साथ वह शिविर में प्रशिक्षण के लिए पहुंची थीं, लेकिन बगैर किसी को बताए हास्टल लौट आईं। लंच होने पर जब शिवानी हास्टल पहुंचीं तो बाथरूम में लगे लोहे के हैंगर में दुपट्टे के फंदे से रानू का शव लटका देखकर प्रतिसार निरीक्षक सुखवीर सिंह को जानकारी दी। एसपी विनोद कुमार, एएसपी अजय कुमार, सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय, तिर्वा सीओ प्रियंका बाजपेयी और सदर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे।

रानू को फंदे से उतारकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने रानू के स्वजन को फोन कर घटना की जानकारी दी। फोरेंसिक टीम ने भी छानबीन की। रानू के गले में फंदे का निशान मिला है। उन्होंने प्रशिक्षण की यूनिफार्म लोवर और टीशर्ट पहन रखी थी। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि प्रशिक्षु महिला आरक्षी ने दुपट्टे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली है। दिवंगत महिला के मोबाइल फोन की भी कराई जा रही है। प्रशिक्षु महिला आरक्षी को आत्महत्या के लिए अगर उकसाया गया है, तो मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वह खुद मामले की जांच कर रहे हैं।

रूममेट आरक्षी को दिया था भाई का फोन नंबर

दिवंगत महिला आरक्षी का पुलिस लाइन में 16 जुलाई को प्रशिक्षण पूरा होना था। 17 जुलाई को बैच के साथ उन्हें गैरजनपद प्रशिक्षण के लिए जाना था। करीब दो-तीन दिन से वह तनाव में देखी जा रही थीं। अन्य आरक्षियों से बात करना कम कर दिया था। रूममेट प्रशिक्षु आरक्षी शिवानी जादौन को दो दिन पूर्व अपने भाई का फोन नंबर भी दिया था। इससे प्रतीत होता है कि कहीं पहले से तो रानू ने खुदकुशी करने का फैसला नहीं ले लिया था।

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