उत्तर प्रदेशराज्‍य

प्रधानमंत्री मोदी 29 को हरदोई में करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, प्रदेश की कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार

हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई में 29 अप्रैल को एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन की तिथि तय कर दी गई है। शनिवार को इस संबंध में आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी गई है। इसके तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 अप्रैल को हरदोई जिले से गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। पूर्वांचल को पश्चिमी यूपी से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश में नई संभावनाओं के द्वार खोले वाला साबित होगा। प्रयागराज से मेरठ के बीच 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्राथमिकता के स्तर पर किया गया है।

2020 में मिली थी कैबिनेट से मंजूरी

मेरठ से प्रयागराज के बीच 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना को वर्ष 2020 में योगी कैबिनेट की मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके बाद इस पर निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कराई गई। इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू किया गया। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव के पास समाप्त हो रहा है। इससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा।

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों से होकर गुजरेगा। इससे 500 से अधिक गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

यूपी में लगातार बढ़ रहा जाल

वर्तमान में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 55 प्रतिशत है। गंगा एक्सप्रेसवे के जुड़ने के बाद यह बढ़कर करीब 60 प्रतिशत हो जाएगी। बयान में कहा गया कि बेहतर सड़क संपर्क से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी। माल के परिवहन में तेजी आएगी। यह एक्सप्रेसवे औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में भी विकसित होगा, जिससे निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

गंगा एक्सप्रेसवे एक नजर में:

  • प्रयागराज से मेरठ के बीच 594 किलोमीटर लंबे खंड पर एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
  • दूसरे चरण में 455 किलोमीटर एक्सप्रेसवे का विस्तार की योजना है।
  • दूसरे चरण के स्पर वन में मेरठ-बुलंदशहर से हरिद्वार तक 110 किलोमीटर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण होगा।
  • दूसरे चरण के स्पर दो में प्रयागराज से बलिया के बीच 314 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण होना है।
  • वर्ष 2007 में मायावती सरकार ने ग्रेटर नोएडा से बलिया तक गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना तैयार की थी।
  • सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2019 में इस परियोजना को एक बार फिर शुरू करने का निर्णय लिया।
  • योगी सरकार ने वर्ष2020 में फेज वन के निर्माण के 2000 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की। निर्माण का जिम्मा यूपीडा को दिया गया।
  • 18 दिसंबर 2021 को पीएम नरेंद्र मोदी ने शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की आधारशिला रखी।
  • गंगा एक्सप्रेसवे के पहले फेज को 12 पैकेज में बांट कर इसका निर्माण कराया गया।
  • गंगा एक्सप्रेसवे में 1498 संरचनाओं का निर्माण कराया गया है।
  • गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रयागराज और मेरठ में दो मुख्य टोल प्लाजा का निर्माण किया गया है।
  • एक्सप्रेसवे पर 19 अन्य स्थानों पर रैंप टोल प्लाजा बनाए गए हैं।
  • हापुड़ में गंगा नदी पर 960 मीटर और बदायूं में रामगंगा नदी पर 720 मीटर लंबा पुल का निर्माण किया गया है।
  • गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे वाले भाग में औद्योगिक गलियारा के विकास की योजना है।
  • शाहजहांपुर में करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी हवाई पट्‌टी का भी निर्माण किया गया है।
  • गंगा एक्सप्रेसवे अभी सिक्स लेन का है। भविष्य में इसे आठ लेन में विकसित किया जा सकता है।

किसानों को भी लाभ

गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से किसानों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर कीमत मिल सकेगी। इसके अलावा, बेहतर संपर्क से प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

गंगा एक्सप्रेसवे पर लड़ाकू विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए हवाई पट्‌टी का भी निर्माण किया गया है। शाहजहांपुर में करीब 3.5 किलोमीटर लंबी पट्‌टी बनाई गई है। 2 मई 2025 को इस पर लड़ाकू विमानों ने लैंडिंग की थी। आपातकालीन स्थिति में इसका प्रयोग किया जा सकता है।

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