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इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने धराली में लापता 66 लोगों की लिस्ट जारी की, 24 नेपाली नागरिक, मृतक 2

उत्तरकाशी। प्रशासन ने धराली में लापता लोगों की संख्या जारी कर दी है। गढ़वाल मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि अब तक आपदा में 67 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। इनमें से धराली गांव के आकाश पंवार का शव बरामद हुआ है।

अन्य लापता लोगों में सेना के नौ कार्मिक, धराली गांव के आठ व निकटवर्ती क्षेत्रों के पांच, टिहरी जिले का एक, बिहार के 13 और उत्तर प्रदेश के छह लोग शामिल हैं। इसके अलावा 24 नेपाली श्रमिक भी लापता बताए जा रहे हैं।

सोमवार को उत्तरकाशी में आपदा नियंत्रण कक्ष में पत्रकारों से रूबरू मंडलायुक्त ने बताया कि पहले 29 नेपाली श्रमिकों के लापता होने की सूचना मिली थी, जिनमें से पांच से मोबाइल नेटवर्क बहाल होने पर संपर्क हो चुका है। शेष 24 नेपाली श्रमिकों के संबंध में उनके ठेकेदारों से अधिक विवरण नहीं मिल पाया है।

संबंधित ठेकेदारों को कहा गया है कि इन श्रमिकों को जहां से लाया गया है, वहां से उनके मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी प्राप्त की जाए। माना जा रहा है कि सकुशल मिले पांच श्रमिकों की तरह अन्य श्रमिक भी अन्यत्र जा सकते हैं। अन्य राज्य के लापता लोगों के घरों का पता जुटाकर उनकी भी खोज-खबर का प्रयास किया जा रहा है।

मंडलायुक्त ने बताया कि राहत एवं पुनर्वास का बेहतर पैकेज तैयार कराया जा रहा है। इसके लिए सचिव राजस्व की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। आपदा से हुई क्षति का आकलन कर यह समिति प्रभावितों से वार्ता के लिए उत्तरकाशी पहुंचेगी। इस दौरान आइजी गढ़वाल राजीव स्वरूप भी मौजूद रहे।

अब तक 1,278 को निकाला

मंडलायुक्त ने बताया कि युद्धस्तर पर अभियान चलाकर आपदा प्रभावित क्षेत्र में फंसे 1,278 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। मलबे में दबे लोगों की खोज करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए धराली को चार सेक्टर में बांटकर सेना, आइटीबीपी, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को जिम्मेदारी दी गई है, जो दिनभर अपने-अपने सेक्टर में डाग स्क्वाड, उपकरणों व खोदाई कर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। देहरादून से 10 विशेषज्ञ भूविज्ञानियों की टीम भी भेजी गई है।

मंगलवार शाम तक गंगोत्री हाईवे बहाल करने का लक्ष्य

मंडलायुक्त ने बताया कि आपदा से गंगोत्री हाईवे को भारी नुकसान पहुंचा है। गंगनानी में बेली ब्रिज की स्थापना के बाद सोनगाड और डबराणी के बीच ध्वस्त हाईवे को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। जिन हिस्सों में सड़क अवरुद्ध है, वहां से ट्रांसशिपमेंट के जरिये प्रभावित क्षेत्र के लिए जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। सोनगाड से डबराणी तक लगभग पांच किमी पैदल मार्ग पर एसडीआरएफ तैनात है। साथ ही यहां एक हेल्प पोस्ट व मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है।

खच्चरों से पहुंचाई जा रही मदद

राहत एवं बचाव कार्यों और खोजबीन अभियान को तेजी से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। प्रभावित लोगों को पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न, कपड़े व दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। खच्चरों से आपदा पीड़ितों तक बिस्तर व खाद्यान्न सामग्री पहुंचाई जा रही है।

डबराणी में एक्सावेटर मशीन भागीरथी में समाई, आपरेटर लापता

डबराणी में गंगोत्री हाईवे के पुनर्निर्माण में लगी बीआरओ की एक एक्सावेटर मशीन सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे भागीरथी नदी में गिर गई। हादसे में मशीन आपरेटर लापता बताया जा रहा है। आपदा कंट्रोल रूम से बताया गया कि आपरेटर की तलाश की जा रही है।

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