‘थाने चलो, शिकायत मिली है’, ग्रेटर नोएडा में पुलिस की वर्दी में आए बदमाशों ने धमकाकर GST एडवाइजर से वसूले 29 लाख

ग्रेनो वेस्ट: सेक्टर-1 की एगिन रॉयल सोसायटी में रहने वाले जीएसटी कंसल्टेंट ने पुलिस की वर्दी पहने कुछ लोगों पर अपहरण कर 29 लाख रुपये की फिरौती वसूलने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि बदमाश करीब आठ घंटे तक उन्हें नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर घुमाते रहे और एनकाउंटर की धमकी दी।
पीड़ित के भाई ने रकम आरोपियों तक पहुंचाई उसके बाद उन्हें सेक्टर-96 के पास अंडरपास में छोड़ दिया। आरोप है कि 19 दिन में 6 बार पुलिस ऑफिसर बयान दर्ज कर पीड़ित संदीप चुके है, लेकिन केस दर्ज नहीं किया। यहां घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों तक कि उन्होंने की फुटेज भी निकालकर दी। पुलिस ने रविवार को जानकारी दी कि बिसरख थाने में केस दर्ज कर जांच के लिए पांच टीमों का गठन कर दिया है।
20 जुलाई की सुबह ऑफिस जा रहे थे
पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। पीड़ित संदीप कुमार के अनुसार, 20 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे वह अपने डॉग के साथ ग्रैंड विटारा कार से एटीएस चौक होते हुए एस एस्पायर स्थित अपने ऑफिस जा रहे थे। उन्हें अपने सहयोगी अनुराग का लैपटॉप ऑफिस में देना था। इसके बाद डॉग सलून जाना था। इसी दौरान रास्ते में एक एसयूवी कार उनकी गाड़ी के आगे आ गई। उसमें से तीन लोग उतरे।
शिकायत के मुताबिक, इनमें से दो पुलिस की वर्दी में थे, एक के कंधे पर दो स्टार लगे हुए थे। तीनों के पास हथियार थे। उन्होंने कार की खिड़की खुलवाई और कहा कि उनके नाम से शिकायत है साथ चलना पड़ेगा। डीसीपी सेंट्रल ने कहा, शिकायतकर्ता से जीएसटी अधिकारी के रूप में पैसा लिया गया है। शिकायतकर्ता स्वेच्छा से इनके साथ गया और पैसा दिया।
GST केस में फंसाने की दी धमकी
दो स्टार लगे शख्स ने पीड़ित को उनकी ही गाडी की पिछली सीट पर बैठने को कहा और खुद उनकी कार चलाने लगा। आरोपियों ने उनसे डॉग को किसी जानकार को देने के लिए कहा। सदीप ने भागने की कोशिश की, इस दौरान उनकी टीशर्ट फट गई। आरोपी नोएडा एक्सप्रेसवे के रास्ते उन्हें ग्रेनों ले गए और रास्ते में उनका कुत्ता किसी अन्य दे दिया गया। इसके बाद उन्हें यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर टोल ले गए। दोपहर करीब 1:18 बजे जेवर टोल प्लाजा पार किया। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने एक ढाबे से खाने का सामान लिया। आरोपियों ने उन्हे और परिवार को जीएसटी में फंसाने की बात कह लखनऊ चलने को कहा।
पीड़ित ने खुद जुटाए सबूत
पीडित का कहना है कि पुलिस ने जब सुनवाई नहीं की तो उन्होंने घटनास्थल वाली तमाम जगह पहुंचकर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकलवाई। उसकी पेन ड्राइव भी पुलिस को दी है। डीसीपी सेंट्रल का कहना है कि घटना सज्ञान में आने के बाद केस दर्ज कर पाच टीम का गठन किया है। जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा।
मुठभेड़ का डर दिखा पहले 50 फिर 30 लाख मांगे
संदीप के मुताबिक, आरोपियों ने पहले 50 लाख रुपये की माग की। काफी देर बाद कहा कि 30 लाख रुपये दे दो, इसके बाद लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। इससे वह मानसिक दबाव में आ गए। संदीप ने आरोपियों से कहा कि मां की डायलिसिस चलती है इलाज के लिए 8 लाख रुपये रखे है। उसके बाद आरोपियों ने गालीगलौज की। पीड़ित ने बड़े भाई को फोन कर रुपयों का इंतजाम करने को कहा। इस बीच उनकी कार ने करीब 3:38 बजे वापसी में जेवर टोल प्लाजा पार किया और ग्रेटर नोएडा की तरफ आने लगे। यहा नॉलेज पार्क में बर्गर खरीदे।
दबाव में आकर संदीप ने नोएडा एक्सप्रेसवे पर भाई को लोकेशन भेजकर रुपये मंगवाए। आरोपियों ने कुलदीप नाम के शख्स को 29 लाख रुपये दिलाए। इस बीच रास्ते में संदीप को डाँगी वापस दे दिया। सेक्टर-96 के अंडरपास में उन्हें कार समेत छोड़कर चले गए। जाते समय पुलिस से शिकायत करने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। घर पहुंचने पर संदीप की पत्नी ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। उस समय से संदीप करीब एक सप्ताह तक थाना और चौकी के चक्कर काटते रहे, लेकिन न रिपोर्ट दर्ज हुई और न सुनवाई या कार्रवाई हुई। सदीप ने बताया कि 24 जुलाई को मामले की सूचना डीसीपी सेंट्रल नोएडा को दी, लेकिन इसके बाद भी कोई मदद नहीं मिली।



