
नोएडा : उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई अस्पताल (SSPHPGTI) से एक दुखद और सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां अस्पताल परिसर में ही लैब टेक्नीशियन की ट्रेनिंग ले रहे एक 19 वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद पूरे अस्पताल कैंपस और हॉस्टल में हड़कंप मच गया है.
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र चाइल्ड पीजीआई अस्पताल के कैंपस में ही रहकर लैब टेक्नीशियन का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था. मंगलवार को छात्र का शव कैंपस के अंदर ही एक कमरे में छत के पंखे से लटका हुआ पाया गया.जब उसके साथियों ने उसे इस स्थिति में देखा, तो तुरंत अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचित किया गया.
जानें कहां के रहने वाला था छात्र
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक छात्र की उम्र 19 वर्ष थी और वह उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले का रहने वाला था. वह अपने भविष्य को संवारने के लिए नोएडा आया था और चाइल्ड पीजीआई में पैरामेडिकल कोर्स के तहत अपनी ट्रेनिंग पूरी कर रहा था. फिलहाल छात्र के परिजनों को सूचित कर दिया गया है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है.
सेक्टर-20 थाना पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-20 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य एकत्रित किए. पुलिस ने शव को पंखे से उतारकर अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का स्पष्ट पता चल सकेगा. मौके से अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
आत्महत्या के कारणों की जांच जारी
19 साल की कम उम्र में इस तरह का आत्मघाती कदम उठाना कई सवाल खड़े कर रहा है. क्या छात्र किसी मानसिक तनाव में था? या फिर पढ़ाई और ट्रेनिंग का कोई दबाव था? पुलिस इन सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है.साथ ही, मृतक के मोबाइल फोन और उसके दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि आत्महत्या की असली वजह का पता लगाया जा सके.



