नगर पालिका और नगर पंचायतों से पास नहीं होंगे इन उद्योगों के नक्शे, यूपी सरकार ने लगा दी रोक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाले तथा खतरनाक श्रेणी के उद्योगों के भवनों के नक्शे स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। शासन ने सभी संबंधित निकायों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि ऐसे किसी भी निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी न दी जाए, जिससे भविष्य में पर्यावरण या जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो।
प्रदूषणकारी उद्योगों के नक्शों पर पूरी तरह रोक
आवास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि जल एवं वायु प्रदूषण फैलाने वाले, खतरनाक अपशिष्ट (हैजार्डस वेस्ट) उत्पन्न करने वाले उद्योगों के भवनों के नक्शे नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। इस निर्णय का उद्देश्य प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
एनसीआर क्षेत्र में नियमों का होगा सख्ती से पालन
शासनादेश के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में भवन नक्शा स्वीकृत करते समय एनसीआर उत्तर प्रदेश की उप-क्षेत्रीय योजना के सभी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा जिन स्थानों पर सड़क की चौड़ाई निर्धारित मानकों से कम है, वहां भविष्य में सड़क चौड़ीकरण को ध्यान में रखते हुए आवश्यक भूमि छोड़ना भी अनिवार्य किया गया है।
भवन नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया में नहीं चलेगी मनमानी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि विकास क्षेत्र और विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगर निकायों में भवन नक्शों की स्वीकृति पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के आधार पर ही दी जाएगी। किसी भी प्रकार की मनमानी या नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं होगी। सभी प्रस्तावों का परीक्षण भवन विकास उपविधि-2025 के अनुसार किया जाएगा, ताकि अवैध निर्माण को बढ़ावा न मिले।
अवैध भवनों पर चलेगा विशेष अभियान
प्रदेश सरकार ने सभी विकास प्राधिकरणों को शहरों में अवैध निर्माण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मानकों के विपरीत बने भवनों की पहचान कर भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जाएंगे और आवश्यक सुधार करने के लिए समय दिया जाएगा। जिन भवनों का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के किया गया है, उन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से गिराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
औद्योगिक गलियारे के लिए एक हजार हेक्टेयर भूमि का नक्शा तैयार
इधर, बरेली जिले के भमोरा क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे की दिशा में भी प्रक्रिया तेज हो गई है। यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के लिए कासगंज रेलवे लाइन के पश्चिमी हिस्से में स्थित दस गांवों की लगभग एक हजार हेक्टेयर भूमि का नक्शा तैयार कर लखनऊ भेज दिया गया है।



