राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखंड में 13 केंद्रों पर होगा खेलो इंडिया संवाद, पीएम मोदी युवाओं को करेंगे संबोधित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय खेल दिवस से दो दिन पहले 27 अगस्त को देशभर के 1500 से अधिक स्थानों पर मौजूद खिलाड़ियों और युवाओं को वर्चुअल संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम ‘खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात, पीएम के साथ’ का हिस्सा होगा, जिसे खेल मंत्रालय की प्रमुख पहल बताया गया है। राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त को हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संदेश में खेल और युवा शक्ति से जुड़े प्रमुख अंश भी कार्यक्रम में दिखाए जाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री देशभर के युवाओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे।
आईआईटी, आईआईएम और एम्स समेत बड़े संस्थान होंगे शामिल
मांडविया ने कहा कि इस पहल के जरिए देशभर में 1500 से अधिक स्थानों पर युवाओं, खिलाड़ियों और शैक्षणिक संस्थानों को एक साथ लाया जा रहा है। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, एम्स, प्रमुख मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य अग्रणी शैक्षणिक संस्थान भी इस राष्ट्रव्यापी अभियान में भाग लेंगे। उन्होंने कहा, ‘यह पहल खेल प्रेमी युवाओं और भारत के नीति निर्माताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का बड़ा प्रयास है। इससे युवाओं को अपने विचार, अनुभव और सुझाव साझा करने का अवसर मिलेगा।’ प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद देशभर के 1500 से अधिक स्थानों पर फिटनेस कार्यक्रम भी शुरू होंगे।
दिल्ली में चार-पांच स्थानों पर कार्यक्रम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यह समारोह चार से पांच स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। इनमें आईआईटी दिल्ली भी शामिल है, जहां खेल मंत्री मनसुख मांडविया मौजूद रहेंगे। मांडविया ने कहा, ‘मैं 27 अगस्त को होने वाले समारोह में IIT दिल्ली में उपस्थित रहूंगा।’
दिग्गज खिलाड़ी भी युवाओं से करेंगे बातचीत
कार्यक्रम में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा समेत कई पूर्व और वर्तमान भारतीय खिलाड़ी तथा अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता युवाओं से बातचीत करेंगे। इनमें मनिका बत्रा, दीपा करमाकर, साइना नेहवाल, गगन नारंग, श्रीजेश, मैरी कॉम, बाइचुंग भूटिया, पुलेला गोपीचंद, अंजू बॉबी जॉर्ज, कर्णम मल्लेश्वरी और मीराबाई चानू शामिल हैं। कुछ क्रिकेटर भी इस संवाद का हिस्सा होंगे।
खेल और युवा सशक्तिकरण पर चार प्रमुख फोकस
मांडविया के मुताबिक कार्यक्रम में खेल और युवाओं से जुड़े चार प्रमुख विषयों पर विचार, सुझाव और नई सोच साझा की जाएगी। इनमें जमीनी स्तर पर बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराकर खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना शामिल है। दूसरा लक्ष्य प्रतिभा पहचान और खिलाड़ी विकास के जरिए 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं को तैयार करना है। तीसरे विषय में युवा नेतृत्व को मजबूत करना और शासन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना शामिल है। चौथा विषय विकसित भारत के लिए युवा सशक्तिकरण है, जिसमें भविष्य के लिए तैयार कौशल, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण के अवसरों पर जोर दिया जाएगा।



