
राजगीर: बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मंगलवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच अंडर-20 अंतरराष्ट्रीय रग्बी सेवेंस सीरीज का समापन हुआ. यह मुकाबला सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मैदान पर दोनों देशों के युवा खिलाड़ियों ने साथ खेलकर खेल मैत्री, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी सहयोग का नया संदेश दिया. भारत-न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित इस सीरीज ने राजगीर को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के नक्शे पर एक बार फिर मजबूती से स्थापित किया. सीरीज में भारत और न्यूजीलैंड की अंडर-20 पुरुष और महिला टीमों ने मुकाबलों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण सत्र और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी हिस्सा लिया. खास बात यह रही कि दोनों देशों के खिलाड़ियों को एक-दूसरे के साथ मिश्रित टीम बनाकर खेलने का मौका मिला. एक ही टीम में भारतीय और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों का उतरना इस सीरीज का सबसे खास आकर्षण रहा.
माओरी संस्कृति की झलक ने बढ़ाया रोमांच
न्यूजीलैंड की टीम में शामिल युवा माओरी खिलाड़ियों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति की झलक भी पेश की. माओरी टीम के पारंपरिक ‘हाका’ नृत्य ने राजगीर के मैदान में मौजूद दर्शकों का ध्यान खींचा. खेल के साथ संस्कृति के इस मेल ने आयोजन को सामान्य रग्बी मुकाबले से अलग पहचान दी. न्यूजीलैंड के प्रतिनिधिमंडल में अंडर-20 पुरुष टीम तामा तोआ और महिला टीम हिने तोआ शामिल थीं. दोनों टीमों में कुल 24 युवा माओरी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. भारत दौरे के दौरान इन खिलाड़ियों ने भारतीय संस्कृति को करीब से जाना और अपनी परंपराओं को भारतीय खिलाड़ियों के साथ साझा किया.
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से की मुलाकात
समापन कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और बिहार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह समेत दोनों देशों के खेल जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने दोनों देशों के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया. इस दौरान हस्ताक्षरित जर्सी का अनावरण भी किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से बिहार में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के स्थानीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से सीखने का अवसर मिलेगा.
पुरुष और महिला मुकाबलों में दिखा रोमांच
सीरीज के दौरान अंडर-20 पुरुष और महिला वर्ग में मुकाबले खेले गए. पुरुष वर्ग में न्यूजीलैंड ने 22-0 से जीत दर्ज की. जबकि महिला वर्ग में भारत ने 17-0 से मुकाबला अपने नाम किया. इसके अलावा मिश्रित टीमों के मुकाबलों ने दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच सहयोग और दोस्ती का संदेश दिया.
खेल के जरिए मजबूत हो रहे रिश्ते
केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों के माध्यम से दुनिया के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है. भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज इसका उदाहरण है कि खेल किस तरह देशों के बीच आपसी समझ और मित्रता को मजबूत कर सकता है. रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सम्मान, टीम भावना और दोस्ती के मूल्यों का उत्सव है. उन्होंने कहा कि मिश्रित टीमों के मुकाबलों से दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग का संदेश गया है.
राजगीर में तैयार हो रहा अंतरराष्ट्रीय खेल मंच
इस आयोजन ने बिहार की खेल क्षमता को भी सामने रखा. राजगीर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी से राज्य के खिलाड़ियों को वैश्विक खेल संस्कृति को करीब से समझने का अवसर मिला. मई 2026 में भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में न्यूजीलैंड रग्बी के विशेषज्ञों ने भारतीय प्रशिक्षकों के लिए विकास कार्यक्रम भी आयोजित किया था, जिसमें 35 भारतीय कोच शामिल हुए थे. राजगीर की यह सीरीज इसी सहयोग को आगे बढ़ाने वाली कड़ी के रूप में देखी जा रही है. 100 साल पुराने खेल संबंधों की पृष्ठभूमि में युवा खिलाड़ियों की यह मुलाकात आने वाले वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड के बीच रग्बी सहयोग के नए रास्ते खोल सकती है.



