अंतर्राष्ट्रीय

ईरान को मिला 15 सूत्री प्रस्ताव, बातचीत को लेकर संशय बरकरार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान जंग से पीछे हटते और किसी कीमत पर ईरान के साथ सीजफायर की कोशिश करते दिख रहे हैं. ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार ने ईरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना भेजी है. ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के जरिए यह प्लान ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है. भले ईरान इस बात से इनकार कर रहा है कि समझौते के लिए उसकी अमेरिका से कोई बातचीत नहीं हो रही है लेकिन ट्रंप की इस पूरी कवायद से इजरायली सरकार की टेंशन बढ़ गई है. उसे डर है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ जारी सैन्य दबाव को बीच में ही छोड़कर एक ‘कच्चा समझौता’ कर सकता है.

इजयराल के 12 चैनल के अनुसार ईरान को प्लान भेजने के बाद अमेरिका ने इजराइल को भी अपनी 15 सूत्रीय योजना बताई. भले यह काफी हद तक इजरायल के रुख से मेल खाता है, लेकिन बेंजामिन नेत्याहू को संदेह है कि ईरान सभी मांगों पर सहमत होगा भी या नहीं.

इजरायल के सामने 4 टेंशन

1- समय से पहले सीजफायर का डर- इजरायल का मानना है कि ट्रंप और उनकी टीम (विशेषकर जारेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ) बहुत जल्दबाजी में एक ‘फ्रेमवर्क एग्रीमेंट’ करना चाहते हैं. इजरायल चाहता है कि जब तक ईरान इन 15 शर्तों को पूरी तरह जमीन पर लागू न कर दे, तब तक हमला नहीं रुकना चाहिए. इजयराल के 12 चैनल ने इजरायली सरकार के दो सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट छापी है. इसमें लिखा है कि प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को डर है कि ट्रंप एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जो इजरायल के लक्ष्यों को पूरा नहीं करेगा. इस समझौते से ईरान को बड़ी रियायतें मिल जाएंगी जबकि उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की इजरालय की आजादी को सीमित कर दिया जाएगा.

2- अधूरा समझौता- चैनल 12 के अनुसार, इजरायली नेताओं को इस बात से ‘नींद नहीं आ रही’ कि अगर एक महीने का सीजफायर घोषित हो गया और बातचीत लंबी खिंच गई. एक तीसरे सूत्र ने इसे बताया कि इजरायली सरकार के मन ने इस बात को लेकर संदेह है कि क्या सचमें ईरान उन बातों को मानेगा जैसा अमेरिका दावा कर रहा है.

3- ईरान का ऊपरी हाथ- इजरायल को लगता है कि अगर बिना सटीक शर्तों के युद्ध रुकता है, तो ईरान इसे अपनी जीत के तौर पर पेश करेगा. रिपोर्ट के अनुसार इजरायली सरकार यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईरान की ओर से शर्तों को मानने की प्रतिबद्धता कौन जाहिर की है. इजरायली खुफिया का अनुमान है कि पक्षों के स्टैंड में अभी भी एक बड़ा अंतर है.

4- ‘मैक्स फ्लेक्सिबिलिटी’ बनाम फिक्स्ड टारगेट- इजरायल को डर है कि ट्रंप अपनी ‘मैक्स फ्लेक्सिबिलिटी’ रणनीति के तहत कभी भी अपना रुख बदल सकते हैं, जिससे इजरायल इस पूरे संघर्ष में अकेला पड़ सकता है. चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार एक इजरायली सूत्र ने कहा कि ऐसी आशंका है कि ट्रंप किसी कीमत पर समझौता करने और युद्ध समाप्त करने का फैसला करेंगे. भले ही इस 15 सूत्रीय प्लान में से ईरान केवल कुछ मांगों को स्वीकार करे, और स्पष्ट समाधान के बिना बाकी को अस्वीकार कर दे.

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