
लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक की. इस बैठक में मुख्यमंत्री ने पर्यटन नीति में बदलाव को मंजूरी देते हुए अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण, रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान से जोड़कर आगे बढ़ाएं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि नीम करोली बाबा सर्किट और बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट का विकास किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने की जरूरत है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर ले जाने की जरुरत है.
बता दें कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में स्थित बाबा नीम करौली से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर नीम करौली सर्किट का विकास किया जा रहा है. इसमें फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, नैमिषारण्य और कैंची धाम (उत्तराखंड) जैसे स्थान शामिल है. नीम करौली सर्किट के प्रमुख स्थल फिरोजाबाद का अकबरपुर है. यह बाबा नीम करौली की जन्मस्थली है. पर्यटन विभाग यहां उनके जन्मस्थान का विकास कर रहा है. नीब करोरी धाम फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद के निकट स्थित यह बाबा का प्रमुख तपस्थल और साधना गुफा है. फर्रुखाबाद से फिरोजाबाद तक के विस्तार को जोड़कर एक एकीकृत टूरिस्ट सर्किट बनाया जा रहा. उत्तराखंड में नैनीताल के कैंची धाम बाबा नीम करौली का सबसे प्रसिद्ध और मुख्य आश्रम है. अब इसे एक सर्किट से जोड़कर पर्यटन के तौर पर विकसित किया जा रहा है.
बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट को लेकर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने नीम करोली बाबा सर्किट के साथ बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट के विकास को लेकर भी चर्चा की. जिस पर अधिकारियों ने बताया कि ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने नैमिषारण्य को वैदिक ज्ञान, योग, आयुर्वेद और वेलनेस के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए भी कहा. विंध्याचल में त्रिकोण परिक्रमा क्षेत्र का होगा समग्र विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्तिपीठों के निकट माता सती की पौराणिक कथा का प्रभावी एवं आकर्षक प्रस्तुतीकरण किया जाए.



