चिल्ला एलिवेटेड रोड की डेडलाइन तय, नोएडा-दिल्ली के बीच खत्म होगा जाम; अब कितना बचा काम

नोएडा। नोएडा दिल्ली को जोड़ने वाली चिल्ला एलिवेटेड का 47 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इसकी प्रगति रिपोर्ट सोमवार की देर शाम लखनऊ में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नोएडा प्राधिकरण ने साझा की है। बताया है कि पिलर बनाने का काम पूरा कर लिया है।
वहीं यमुना तटबंध पर प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए महामाया फ्लाइओवर से सेक्टर-94 तक 1.8 किमी लिंक एलिवेटेड रोड की फिजिबिलिटी रिपोर्ट आइआइटी रुढ़की जल्द प्राधिकरण को सोँप देगी। इसे करीब 150 करोड़ में तैयार किया जाएगा।
दो लाख से ज्यादा लोगों को होगा फायदा
इससे चिल्ला एलिवेटेड व लिंक एलिवेटेड रोड बनने पर प्रतिदिन करीब दो लाख से अधिक वाहन चालकों को सीधा फायदा होगा। इससे दिल्ली से सीधे जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही नोएडा प्रवेश द्वार से महामाया फ्लाईओवर तक प्रतिदिन लगने वाले यातायात जाम समाप्त हो जाएगा।
चिल्ला एलिवेटेड रोड दिसंबर 2027 तक पूरा करने की योजना है। नोएडा प्राधिकरण अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने बताया कि इस परियोजना को तीन से चार माह पहले पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एलिवेटेड रोड के निर्माण में 892 करोड़ खर्च किए जा रहे है।
उन्होंने बताया कि 5.5 किमी लंबा चिल्ला एलिवेटेड रोड को महामाया फ्लाइओवर से सेक्टर-94 तक 1.8 किमी एलिवेटेड मिलकर एक नया लिंक कारिडोर बनाएगा जाएगा। यह यमुना तटबंध मार्ग से भी भविष्य में जोड़ दिया जाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी
इससे वाहन चालक दिल्ली से सीधे यमुना एक्सप्रेस वे और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तक जुड़ जाएंगे। चिल्ला यानी नोएडा प्रवेश द्वार से महामाया फ्लाई ओवर तक प्रतिदिन जाम लगता है। यह जाम आने जाने वाले दोनों रूट पर रहता है।
एलिवेटेड रोड बनने से जाम की समस्या समाप्त हो जाएगा। लिंक कारिडोर बनने से नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात का भार कम होगा, लोग यमुना तटबंध पर प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के जरिये सीधे यमुना एक्सप्रेसवे आ जा सकेंगे।
चिल्ला एलिवेटेड रोड की प्रगति रिपोर्ट
| वर्ग | कुल | पूर्ण हुए |
|---|---|---|
| पाइल | 1567 | 1286 |
| पाइल कैप | 271 | 181 |
| पीयर शाफ्ट | 271 | 122 |
| गार्डर कास्टिंग | 1310 | 378 |
परियोजना की कुल लंबाई: 5.570 किमी
लेन: 06
कुल लागत: ₹892.75 करोड़
भौतिक प्रगति: 47.42%
वित्तीय प्रगति: 38.10%
कांट्रेक्टर का कार्य पूर्ण: ₹185.48 करोड़
ईपीसी कांट्रेक्टर की भौतिक प्रगति: 32.54%
ईपीसी कांट्रेक्टर की वित्तीय प्रगति: 29.67%



