
जिस फाइटर की हार पर ज्यादातर लोगों ने मुहर लगा दी थी, उसी ने चार मिनट के भीतर पूरा मुकाबला पलट दिया. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले ओवैस याकूब ने बुल्गारिया के नाकाबिले-शिकस्त फाइटर डेलियन जॉर्जीओव को पहले ही दौर में शिकस्त देकर अपने पेशेवर करियर की सबसे बड़ी फतह हासिल की. इस जीत के साथ उन्होंने न सिर्फ अपने हरीफ को पहली हार का मजा चखाया, बल्कि लगातार छठी कामयाबी दर्ज कर भारत का परचम भी बुलंद कर दिया.
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से ताल्लुक रखने वाले 28 साल के ओवैस याकूब ने ‘ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन’ के 68 किलोग्राम कैच वेट मुकाबले में बुल्गारिया के डेलियन जॉर्जीओव को टेक्निकल नॉकआउट से हरा दिया. मुकाबले का फैसला पहले ही दौर में हो गया और ओवैस को अपने हरीफ को मात देने में महज चार मिनट लगे. इस शानदार कामयाबी के साथ उन्होंने डेलियन के पेशेवर करियर की पहली हार भी लिख दी.
इस जीत के बाद ओवैस ने लगातार छठी फतह अपने नाम कर ली. मुकाबले में उतरने से पहले उनका रिकॉर्ड 1-5 था, जो अब बढ़कर 1-6 हो गया है. वहीं डेलियन जॉर्जीओव का रिकॉर्ड गिरकर 1-3 पर पहुंच गया. यह नतीजा इसलिए भी हैरतअंगेज रहा, क्योंकि ज्यादातर लोगों का मानना था कि बुल्गारियाई फाइटर ही मुकाबला जीतेंगे.
‘टैपोलॉजी’ के मुताबिक, 73 फीसदी लोगों ने डेलियन की जीत की पेशगोई की थी, लेकिन ओवैस ने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. उन्होंने अपने हरीफ पर लगातार दबाव बनाए रखा और उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं दिया. पहले ही दौर में उनकी जबरदस्त मार और लगातार हमलों के सामने बुल्गारियाई फाइटर बेबस नजर आए और आखिरकार रेफरी को मुकाबला रोकना पड़ा.
जैसे ही रेफरी ने मुकाबला खत्म करने का इशारा किया, ओवैस खुशी से जालीनुमा घेरे के ऊपर चढ़ गए और अपने जज्बात का इजहार किया. दिलचस्प बात यह रही कि मुकाबले से पहले ही ओवैस ने पूरे एतमाद के साथ कहा था कि वह पहले ही दौर में मुकाबला खत्म कर देंगे. उन्होंने अपने इस दावे को सच साबित करते हुए बेहतरीन स्ट्राइकिंग और लगातार दबाव की बदौलत हरीफ को कोई मौका नहीं दिया.
ओवैस की मैदान में आमद भी बेहद खास रही. वह पारंपरिक कश्मीरी कराकुली टोपी पहने, काली पश्मीना शॉल ओढ़े और हाथ में भारत का तिरंगा लेकर मैदान में दाखिल हुए. नीले कोने से मुकाबला लड़ने वाले ओवैस ने जीत के बाद जाली पर चढ़कर अपने चाहने वालों और अपनी पूरी टीम का शुक्रिया अदा किया.
कामयाबी के बाद ओवैस जज्बाती नजर आए. उन्होंने उन मुश्किल हालात का जिक्र किया, जिनसे गुजरकर वह इस मुकाम तक पहुंचे. उन्होंने कहा, “अल्हम्दुलिल्लाह. बुल्गारिया के लोगों का शुक्रिया कि आपने मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन एक दिन आप मुझसे मोहब्बत करेंगे. हम पेशेवर फाइटर हैं. मैं भारत के लिए बेल्ट लाना चाहता हूं. आपको अंदाजा नहीं है कि मुझ पर कितना दबाव था. हमने 40 घंटे का लंबा सफर तय किया, दो दिन तक बिल्कुल नहीं सोए और अपना वजन बरकरार रखने के लिए भी बहुत मेहनत की.”



