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बस्ती में SDM से हाथापाई, वकीलों पर थप्पड़ मारने का आरोप; पुलिस ने दर्ज की FIR

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक और न्यायिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. बताया जाता है कि जिले की हर्रैया तहसील में एक वकील द्वारा उप-जिलाधिकारी (SDM) मनोज प्रकाश को सरेआम थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है. इस घटना ने एक बार फिर वकीलों के आचरण और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक, हर्रैया तहसील के उप जिलाधिकारी मनोज कुमार को उनके ही कार्यालय परिसर के बाहर एक वरिष्ठ अधिवक्ता, महीनाथ तिवारी ने थप्पड़ जड़ दिया. यह घटना उस वक्त हुई जब SDM मनोज कुमार अपनी सरकारी गाड़ी से उतर रहे थे.

SDM के गाड़ी से उतरते ही मारा थप्पड़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, SDM के गाड़ी से उतरते ही वकील महीनाथ तिवारी अचानक उनके सामने आ गए. इससे पहले कि SDM कुछ समझ पाते, अधिवक्ता ने उन्हें ज़ोरदार थप्पड़ मार दिया. इस अप्रत्याशित हमले से मौके पर मौजूद स्टाफ और कुछ अन्य लोग सकते में आ गए. आनन-फानन में बीच-बचाव किया गया.

घटना के पीछे की वजह किसी न्यायिक मामले में SDM के पक्ष में न रहने से वकील की नाराज़गी बताई जा रही है. सूत्रों का कहना है कि वकील महीनाथ तिवारी काफी समय से एक विशेष मामले में SDM से अपने  हक़ में फैसला चाह रहे थे, लेकिन जब SDM ने नियमों के तहत काम करते हुए उनकी बात नहीं मानी, तो वकील ने आपा खो दिया.

SDM की शिकायत पर पुलिस ने की एफआईआर

इस गंभीर घटना के बाद SDM मनोज कुमार ने तत्काल हर्रैया थाने में अधिवक्ता महीनाथ तिवारी के खिलाफ लिखित तहरीर दी. पुलिस ने SDM की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.

हर्रैया थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया, “हमने SDM साहब की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है. घटना के सभी पहलुओं से जांच की जा रही है. साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

घटना ने खड़े किये सवाल

यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में शामिल लोगों के आचरण पर भी गंभीर चिंतन की ज़रूरत बताती है. वकीलों का यह दायित्व है कि वे कानून का सम्मान करें और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही अपनी बात रखें. इस तरह की हिंसक प्रवृत्ति न्यायिक पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाती है. वहीं जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना का संज्ञान लिया है. उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

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