उत्तर प्रदेशराज्‍य

खाकी ने निभाया पिता का फर्ज! विधवा की बेटी की धूमधाम से कराई शादी, पुलिस अफसर ने किया कन्यादान

सहारनपुर में थाना गंगोह प्रभारी पीयूष दीक्षित ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए एक गरीब विधवा की बेटी की शादी का पूरा दायित्व अपने कंधों पर उठा लिया. यह घटना सिर्फ पुलिस की संवेदनशीलता को नहीं दिखाती, बल्कि समाज के सामने यह संदेश भी देती है कि वर्दी के पीछे एक कोमल और मानवीय दिल भी धड़कता है. गंगोह की रहने वाली सोमती देवी, जिनके पति का निधन हो चुका है और वो मजदूरी कर चार बेटियों का पालन-पोषण कर रही थीं. तीन बेटियों की शादी किसी तरह हो चुकी थी, लेकिन चौथी बेटी की शादी उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई थी.

मजबूरी में सोमती देवी महिला हेल्प डेस्क गंगोह पहुंचीं और वहां मौजूद कोतवाली प्रभारी पीयूष दीक्षित को अपनी व्यथा सुनाई. उनकी स्थिति देखकर थानाध्यक्ष ने न सिर्फ सहानुभूति दिखाई, बल्कि पूरा भरोसा दिलाया कि बेटी का रिश्ता तय कर लें, बाकी शादी की हर जिम्मेदारी वे खुद उठाएंगे.

पुलिस ने उठाई दहेज से लेकर भोजन तक की पूरी जिम्मेदारी

सोमती देवी ने अपनी बेटी का रिश्ता संसारपुर गांव के सोनू कुमार के साथ तय किया और शादी की तारीख 27 नवंबर रखी गई. वादा निभाते हुए गंगोह थाना पुलिस ने दहेज का सामान, गृहस्थी की सामग्री, भोजन की व्यवस्था, मंडप, सजावट और शादी की सभी तैयारियां करा दीं. पुलिस ने किसी भी तरह की कमी न रहने देने का फैसला किया और पूरे आयोजन की स्वयं निगरानी की.​

शादी के दिन कोतवाली प्रभारी पीयूष दीक्षित स्वयं धर्म पिता बनकर मंडप पहुंचे और कन्यादान किया. पुलिस अधिकारी की इस भूमिका ने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया. लोग इस बात से अभिभूत थे कि जिस पुलिस को अक्सर सख्त छवि में देखा जाता है, वही पुलिस किसी बेटी के परिवार की तरह उसके साथ खड़ी है.

विधवा मां के आंसुओं में झलका ‘सहारा मिलने’ का सुकून

दुल्हन की मां सोमती देवी ने कहा, मेरा नाम सोमती है. मैं बहुत ही गरीब हूं. मेरे पति की मौत हो चुकी है और घर मजदूरी करके चलाती हूं. बेटी की शादी कैसे करूंगी, यही चिंता थी. पुलिस ने मेरी बात सुनी, पूरा शादी का खर्च उठाया, दहेज का सामान दिया. यह एहसान मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगी.

उनकी आवाज में राहत, सुकून और कृतज्ञता साफ झलकती थी. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सिर्फ मदद नहीं की, बल्कि बेटी की शादी को ‘अपनी बेटी’ की तरह व्यवस्थित किया.

एसपी देहात ने की पुष्टि, समाज में दिया बड़ा संदेश

एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि कुछ दिन पहले सोमती देवी महिला हेल्प डेस्क पर आईं और आर्थिक स्थिति समझाते हुए बेटी की शादी में सहायता मांगी. उनकी स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी पीयूष दीक्षित व पूरी टीम ने मानवता के आधार पर शादी की सारी व्यवस्था की.

उन्होंने कहा कि पुलिस का यह प्रयास किसी परिवार की जिंदगी बदलने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश देता है कि पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाती है. 27 नवंबर को विवाह सकुशल संपन्न हुआ और परिवार ने पुलिस को दिल से धन्यवाद दिया.

इंसानियत की जीवंत तस्वीर बनी सहारनपुर पुलिस

गंगोह पुलिस की इस पहल ने न सिर्फ एक परिवार का बोझ कम किया, बल्कि साबित किया कि समाज में पुलिस सिर्फ व्यवस्था का नहीं, बल्कि मानवता का भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ है. वर्दी में सख्ती के साथ-साथ संवेदना और करुणा भी है यह शादी उसी का सबसे सुंदर उदाहरण बन गई.

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