कार के बाद अब किचन में इथेनॉल! विशेष चूल्हे का ट्रायल सफल, LPG-LNG को देगा टक्कर

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण (E20) लागू करने के बाद अब केंद्र सरकार घरेलू रसोई में भी इथेनॉल को वैकल्पिक फ्यूल के रुप में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ऐसा नीति तैयार कर रहा है, जिसके तहत भविष्य में LPG के साथ-साथ इथेनॉल आधारित कुकिंग फ्यूल भी आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जा सके।
सरकार का मानना है कि इस कदम से देश की आयातित LPG पर निर्भरता कम होगी, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और पर्यावरण के अनकल स्वच्छ फ्यूल को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही किसानों द्वारा उत्पादित फसलों से बनने वाले इथेनॉल की मांग बढ़ने से कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों के मुताबिक इथेनॉल एक स्वच्छ जैव ईंधन (Biofuel) है, जिसके इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन कम हो सकता है। यदि इसे रसोई गैस के विकल्प के रूप में अपनाया जाता है तो यह लंबे समय में ईंधन आयात का खर्च घटाने और घरेलू ऊर्जा व्यवस्था को अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकता है।
अभी शुरुआती चरण में है योजना
हालांकि सरकार की यह योजना अभी शुरुआती चरण में है। इसके लिए इथेनॉल आधारित स्टोव, ईंधन वितरण नेटवर्क, सुरक्षा मानकों और उपभोक्ताओं तक पहुंच सुनिश्चित करने जैसे कई पहलुओं पर काम किया जा रहा है। नीति लागू होने से पहले व्यापक परीक्षण और तकनीकी मूल्यांकन किए जाएंगे।
पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग जारी रहेगी
इसी बीच सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20% (E20) से अधिक बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। भविष्य में यदि ऐसा कोई निर्णय होता है तो वह वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी परीक्षण और सभी हितधारकों से सलाह-मशविरा करने के बाद ही लिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि रसोई ईंधन के रूप में इथेनॉल के इस्तेमाल से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और भारत के बायोफ्यूल मिशन के नई गति मिलेगी।



