उत्तर प्रदेशराज्‍य

केंद्र के बाद यूपी के बजट की तैयारी, चुनावी साल में इन बातों पर रहेगा योगी सरकार का जोर

उत्तर प्रदेश सरकार अपने मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बजट 11 फरवरी को विधानसभा में पेश करने जा रही है। यह बजट एक ओर जहां लोकलुभावन घोषणाओं से आम जनता को राहत देने वाला होगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को नई गति देने पर भी विशेष जोर रहेगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार सामाजिक पेंशन योजनाओं के दायरे और राशि दोनों में बढ़ोतरी कर सकती है। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च को ढाई लाख करोड़ रुपये से आगे ले जाने की तैयारी है।

बजट तैयारियों में आई तेजी

केंद्र सरकार द्वारा आम बजट पेश किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने बजट की तैयारियां तेज कर दी हैं। वित्त विभाग में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। विभिन्न विभागों से प्राप्त बजट प्रस्तावों की समीक्षा कर उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। संभावना है कि अगले दो दिनों में बजट का प्रारंभिक खाका वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा। इसके बाद मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ विभागवार चर्चा भी हो सकती है।

लोक कल्याण संकल्प पत्र पर भी नजर

सूत्रों के अनुसार भाजपा द्वारा वर्ष 2022 में जारी किए गए ‘लोक कल्याण संकल्प पत्र’ के अधूरे वादों को भी बजट में शामिल करने पर मंथन किया जा रहा है। केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार अपने पूंजीगत व्यय को बढ़ा सकती है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से नए और घोषित एक्सप्रेस-वे के निर्माण में तेजी लाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही कुछ नए लिंक एक्सप्रेस-वे, स्टेट हाईवे, अस्पतालों और ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए भी बजट में पर्याप्त प्रावधान किए जा सकते हैं।

पेंशन और छात्रवृत्ति में संभावित बढ़ोतरी

इस वर्ष प्रस्तावित पंचायत चुनाव और अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार सामाजिक पेंशन योजनाओं को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठा सकती है। वर्तमान में प्रदेश में 1.07 करोड़ से अधिक लाभार्थी विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पेंशन राशि में लगभग 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है। इसके अलावा छात्रवृत्ति की राशि में एकरूपता लाने और कन्या विवाह अनुदान को समान करने की भी घोषणा हो सकती है।

केंद्र से अधिक फंड, योजनाओं को मिलेगी रफ्तार

इस वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश को केंद्र सरकार से पहले की तुलना में अधिक धनराशि मिलने की उम्मीद है। करीब सवा चार लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि से प्रदेश की चल रही परियोजनाओं को गति मिलेगी और नई योजनाओं की रूपरेखा भी तैयार की जा सकेगी। इन नई योजनाओं पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की बजट बैठकों में लिया जाएगा।

औद्योगिक निवेश को मिलेगा बढ़ावा

बजट में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष फोकस रहेगा। निवेश योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन किए जाने की संभावना है। उद्योगों को विभिन्न नीतियों के तहत दी जाने वाली सुविधाओं के लिए आवंटित राशि बढ़ाई जा सकती है। साथ ही नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा और डिफेंस कॉरिडोर में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज करने के लिए भी धनराशि का प्रावधान संभव है।

युवा केंद्रित रहेगा बजट

प्रदेश का यह बजट युवाओं को ध्यान में रखकर भी तैयार किया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत टैबलेट वितरण के लिए बजट बढ़ाया जा सकता है। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उनमें उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास योजनाओं पर भी जोर दिया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों के लिए नई स्किल डेवलपमेंट योजनाओं की घोषणा बजट में देखने को मिल सकती है।

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