यमुना प्राधिकरण की बड़ी पहल: ₹450 करोड़ के निवेश से लगेंगे 5 नए उद्योग, 4300 युवाओं को मिलेगा रोजगार

यमुना सिटी में रेडिमेड गारमेंट्स समेत ऑटोमोबाइल्स के पार्ट बनेंगे। इसके लिए पांच इकाइयां स्थापित की जाएगी। यह इकाई क्षेत्र में लगभग 450 करोड़ का निवेश करेगी, इनमें 4,300 लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के अलग अलग सेक्टरों में पांच औद्योगिक इकाइयों को भूमि का आवंटन किया गया है। इनमें तीन इकाई रेडिमेड गारमेंट्स की होगी जबकि एक इकाई में ऑटो मोबाइल उद्योग के लिए उन्नत रोटेशनल मोल्डिंग से उत्पाद बनेंगे तथा दूसरी में नालीदार गत्ते के डिब्बों की पैकेजिंग होगी। रेडिमेट की तीनों कंपनियों को सेक्टर-29 स्थित अपेरल पार्क में भूमि आवंटित की गई है। इनमें मैसर्स साहू एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को 2.5 एकड़ भूमि दी गई है। जोकि कुल 74.21 करोड़ का निवेश करेगी और 1050 रोजगार उपलब्ध कराएगी।
मैसर्स सीएंडआर टेक्सटाइल को चार एकड़ भूमि दी गई है, यह इकाई 102.26 करोड़ का निवेश कर 2000 रोजगार उपलब्ध कराएगी। वहीं, मैसर्स एसएबीएस एक्सपोर्ट्स इंटरनेशनल को 4 एकड़ भूमि दी गई है, जोकि क्षेत्र में कुल 86.98 करोड़ का निवेश कर कुल 500 लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी।
ऑटोमोबाइल उद्योग को पंख लगेंगे
सेक्टर-8डी में सिमप्लास्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की इकाई तीन एड़क में स्थापित होने से क्षेत्र में ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उन्नत रोटेशनल मोल्डिंग तकनीक से बनने वाले प्लास्टिक उत्पादों का स्थानीय स्तर पर निर्माण होगा। इन उत्पादों की मांग ऑटोमोबाइल, कृषि, औद्योगिक उपकरण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। ऐसे उत्पादों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता रहती है।
उत्पादन से निर्भरता कम होगी
सेक्टर-8डी में मैसर्स परफेक्ट पैक की इकाई चार एकड़ में स्थापित होने से नालीदार गत्ते की पैकेजिंग सामग्री का स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा। ई-कॉमर्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, एफएमसीजी, फार्मा और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में ऐसे बॉक्स की मांग लगातार बढ़ रही है। स्थानीय उत्पादन शुरू होने से यह निर्भरता कम होगी।



