
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से उत्तराखंड में निवेश और कारोबारी गतिविधियां बढ़ाने का आह्वान करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। वह हल्द्वानी स्थित आईटीसी फॉर्च्यून में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ संवाद कर रहे थे।
कारोबार से जुड़े मुद्दों पर सीधा संवाद
प्रतिनिधियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं के सरलीकरण, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं, स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार और युवा उद्यमियों को समर्थन सहित कई मुद्दे उठाए। धामी ने सभी बिंदुओं को सुना और उनके समाधान के लिए सरकारी सहयोग का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। कारोबार रोजगार पैदा करता है और उत्पादन को उपभोक्ताओं से जोड़ता है। छोटे दुकानदार से बड़े उद्यमी तक हर व्यापारी उत्तराखंड के विकास का महत्वपूर्ण भागीदार है। सरकार सुरक्षित, पारदर्शी और सरल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
एमएसएमई, स्टार्टअप और आसान कारोबारी प्रक्रियाओं पर जोर
धामी ने कहा कि सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल और प्रभावी बनाने के लिए काम कर रही है। निवेश मित्र के माध्यम से निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था की गई है, जबकि सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योग और व्यापार जगत से मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए 30 से अधिक नीतियां तैयार की गई हैं। प्रदेश में हाल के वर्षों में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड युवाओं को रोजगार देने वाला बनने में मदद करेगा। सरकार औद्योगिक विकास को पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंचाना चाहती है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिन्हित की गई है। हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है, जबकि सेलाकुई और पंतनगर में भी सुविधाओं की योजना है।
उन्होंने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट पहल स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को व्यापक बाजारों से जोड़ रही है। सरकार मेड इन उत्तराखंड को वैश्विक ब्रांड बनाना चाहती है। फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट क्षेत्र आगे बढ़ रहे हैं तथा हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर प्रमुख औद्योगिक केंद्र हैं।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड का विकास केवल बड़े उद्योगों पर निर्भर नहीं रह सकता। किसान, कारीगर, ग्रामीण उत्पादक, छोटे व्यापारी और स्थानीय उद्यमी भी विकास के भागीदार हैं। उन्होंने कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।”



