अंतर्राष्ट्रीय

ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ बड़ी ऑयल डील की घोषणा, अमेरिका को मिलेगा 65 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार

वॉशिंगटन: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को वेनेजुएला के साथ एक बड़े समझौते का ऐलान किया है। अगर यह समझौता लागू होता है तो अमेरिका को वेनेजुएला में मौजूद विशाल तेल भंडारों तक पहुंच मिल जाएगी। खास बात है कि अमेरिका को यह तेल लागत मूल्य पर हासिल होगा। ट्रंप ने कहा कि इस समझौते से वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल भंडार पर अमेरिका का नियंत्रण हो जाएगा।

सोशल मीडिया पर समझौते की घोषणा करते हुए ट्रंप ने लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका ने अभी-अभी वेनेजुएला देश के साथ दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील की है।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि इस समझौते के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के बीच बातचीत हुई थी।

रोड्रिग्ज सरकार ने की पुष्टि

वेनेजुएला की रोड्रिग्ज सरकार ने एक बयान में कहा कि इस डील में 17 तेल क्षेत्रों का विकास शामिल है, जहां 65 अरब बैरल तेल होने की पुष्टि हो चुकी है। इसमें आगे कहा गया है कि इस समझौते से वेनेजुएला के तेल उद्योग में 100 अरब डॉलर का निवेश आ सकता है। इससे टैक्स के रूप में 209 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई हो सकती है।

मादुरो की गिरफ्तारी के 9 महीने बाद डील

तेल डील की घोषणा इसी साल जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिकी सेना के ऑपरेशन के लगभग 9 महीने बाद हुई है। ट्रंप के आदेश पर मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया था। उनके खिलाफ नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के आरोप लगाए गए हैं।

ट्रंप पर तेल की कीमतों को लेकर घरेलू दबाव

यह डील ऐसे समय में हुई है जब ट्रंप पर तेल की कीमतें कम करने को लेकर भारी दबाव है। ईरान में युद्ध को अब छह महीने हो गए हैं और इसके खत्म होने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है। तेल के दबाव से निपटने के लिए अमेरिका ने अपने रणनीतिक तेल भंडार का इस्तेमाल किया है। अगस्त की शुरुआत में यह भंडार 30 करोड़ बैरल से कम हो गया था, जो 2026 की शुरुआत के मुकाबले 10 करोड़ डॉलर की कमी है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि नई कंपनी से खरीदा गया तेल अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार को भरने और सेना के इस्तेमाल के लिए होगा।

ट्रंप ने जनवरी में निकोलस मादुरो को हटाने के बाद वेनेजुएला में अमेरिकी तेल कंपनियों को वापस लाने का वादा किया था। वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने अमेरिकी तेल कंपनियों की संपत्तियों समेत सैकड़ों विदेशी स्वामित्व वाली संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। हालांकि, बड़ी तेल कंपनियों को इस क्षेत्र में लाने में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि वहां राजनीतिक अनिश्चितता है। इसके साथ ही दशकों से बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त है, जिसकी मरम्मत में कई साल और अरबों डॉलर लग सकते हैं।

वेनेजुएला के पास विशाल तेल भंडार

वेनेजुएला के पास अनुमानित 303 अरब बैरल कच्चा तेल है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक बनाता है। US एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, यह दुनिया की कुल तेल सप्लाई का लगभग 17% है। वेनेजुएला की जमीन के नीचे मौजूद भंडारों का ज्यादातर हिस्सा पहले ही मैप किया जा चुका है और उनकी जानकारी मौजूद है। हालांकि, खराब बुनियादी ढांचे की वजह से यह देश दुनिया के कुल तेल उत्पादन का सिर्फ 1% ही पैदा करता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button