एनसीआरग्रेटर नोएडा

जेवर एयरपोर्ट के पास 8000 हेक्टेयर में बनेगा औद्योगिक गलियारा, यीडा ने मांगे प्रस्ताव; 3 कंपनियां मैदान में

जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आठ हजार हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर की रूपरेखा तैयार करने के लिए तीन कंपनियां आगे आई हैं। चयनित कंपनी चार महीने में मास्टर प्लान तैयार करेगी।

परियोजना को नए शहर के रूप में बसाने की योजना है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारी ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट और टप्पल बाजना के बीच करीब 8000 हेक्टेयर में नया शहर करने की योजना है। इसकी रूपरेखा तैयार करने के लिए पिछले महीने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी की गई थी।

यीडा जल्द निकालेगी फाइनेंशियल बिड

आरएफपी में टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड, फीडबैक इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, वॉयंट्स साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने आवेदन किया है। यीडा की ओर से जल्द ही फाइनेंशियल बिड निकाली जाएगी। इसके बाद कंपनियां अपना प्रेजेंटेशन देंगी। इनमें से एक कंपनी का चयन किया जाएगा, जो पूरी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी, जिसके बाद प्रस्ताव को अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।

चयनित कंपनी करीब चार महीने में फाइनल मास्टर प्लान ड्राफ्ट तैयार करेगी। अभी तक इसे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा था, लेकिन अब यहां पर आवासीय, संस्थागत समेत अन्य श्रेणियों में भी संभावनाओं को तलाश जाएगा। फेज-2 में भी गतिविधि बढ़ाने पर जोर है, ताकि यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास शहरीकरण को गति मिले।

एयरपोर्ट से सड़क जुड़ेगी

नोएडा एयरपोर्ट तक जाने वाली 60 मीटर चौड़ी सड़क को भी इस नए शहर तक विकसित करने का विचार है, ताकि यमुना सिटी से आसानी से यहां पहुंचा जा सके। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर चौड़ी सड़क को भी नए शहर से जोड़ने की तैयारी है। नया शहर विकसित होने के बाद अलीगढ़ का डिफेंस कॉरिडोर एयरपोर्ट से जुड़ेगा।

शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ, यीडा, ”नोएडा एयरपोर्ट और टप्पल बाजना के बीच इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित होगा। इसके लिए तीन कंपनियां आगे आई हैं। कंपनियां यहां पर सिर्फ उद्योग ही नहीं, बल्कि आवास और संस्थागत गतिविधियों की भी संभावना तलाशेंगी।”

नोएडा सेक्टर-116 में आर्यमंडल पार्क फिलहाल नहीं बनेगा

नोएडा सेक्टर-116 में आर्यमंडल पार्क फिलहाल नहीं बनेगा। प्राधिकरण अधिक खर्च आने की वजह से पीछे हट गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी जो पार्क बनाने का काम चल रहा है, पहले ही उन्हें पूरा किया जाएगा। प्राधिकरण ने करीब तीन साल पहले शहर में जापानी, डी पार्क और आर्य मंडल पार्क बनाने का निर्णय लिया था। सेक्टर-62 में डी पार्क पहले से बना हुआ था, इसको नए सिरे से बनाया जाना था। पिछले साल जापानी और डी पार्क का काम शुरू हो चुका है। अगले कुछ महीनों में ये पार्क बनकर तैयार हो जाएंगे। गणितज्ञ और खगोलविद आर्यभट्ट को समर्पित आर्यमंडल पार्क बनाने की योजना थी। प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल आर्यमंडल पार्क नहीं बनाने का निर्णय लिया गया है। इस पार्क को बनाने में काफी खर्च होने का आंकलन है।

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