यूपी के गांवों में सुविधाओं का विस्तार हो, सभी योजनाओं में तेजी लाएं; केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश

लखनऊ। ग्राम चौपालों का आयोजन अब समाधान दिवस की तरह किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यह निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम चौपाल के लिए एक पोर्टल बनवाया जाए और उसकी लांचिंग कराई जाए।
पोर्टल में आवेदक को भी उसकी समस्या के निस्तारण के बारे में जानकारी दिये जाने व्यवस्था की जाए। ग्राम चौपालों को पूरे व्यवस्थित तरीके से प्रभावी रणनीति बनाकर आयोजित किया जाए, इसके लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी करें।
मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन मे तेजी लाई जाय। कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए।
ग्राम्य विकास संस्थान में प्रति माह स्वयं सहायता स्वयं सहायता समूह की एक लाख दीदियों को प्रशिक्षण दिया जाए। इसके लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा सूची तत्काल भेजी जाए। प्रशिक्षण का कैलेंडर हर हाल में जारी किया जाए। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और इसकी सूची भी उपलब्ध कराई जाए।
जिलों के ग्राम्य विकास संस्थानो की स्थिति का आकलन करने के लिए मुख्यालय से टीम बनाकर भेजी जाए और समय से रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने मनरेगा के अवशेष भुगतान प्राथमिकता पर कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य के बारे में भारत सरकार को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये खंड विकास अधिकारी के पद का चार्ज देने में शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। ग्राम्य विकास विभाग में लंबित जांच प्रकरणों को तुरंत निस्तारित किया जाए।
अधिकारी, जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुनें। जो प्रकरण निस्तारित नहीं हो सकते, उसके बारे में जनप्रतिनिधियो को संतुष्ट करते हुए अवगत कराया जाए। उन्होंने 15 दिन में विकास खंडों के आवासीय व अनावासीय भवनों के निर्माण संबंधी प्रस्ताव मंगाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में ग्राम्य विकास राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव सौरभ बाबू, आयुक्त गौरी शंकर प्रियदर्शी, मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन, यूपीआरआरडीए के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिव सहाय अवस्थी, विशेष सचिव जयनाथ यादव आदि मौजूद रहे।



