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नौकरी का झांसा देकर 4 साल तक गैंगरेप और ब्लैकमेल, ग्रेटर नोएडा के दो प्रॉपर्टी डीलरों को 20-20 साल की जेल

ग्रेटर नोएडा में नौकरी दिलाने के नाम पर युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है. विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट ने दो प्रॉपर्टी डीलरों राजीव गुप्ता और प्रदीप मित्तल को दोषी करार देते हुए दोनों को 20-20 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने राजीव गुप्ता पर 2.95 लाख रुपये और प्रदीप मित्तल पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि पीड़िता को दी जाएगी

कैसे नौकरी के बहाने शुरू हुई कहानी?

पीड़िता ने अदालत को बताया कि अप्रैल 2017 में वह नौकरी की तलाश में नोएडा के सेक्टर-64 स्थित एक कॉमर्शियल बिल्डिंग में गई थी. वहां उसकी मुलाकात प्रॉपर्टी डीलर राजीव गुप्ता से हुई. राजीव ने कंप्यूटर ऑपरेटर की जरूरत बताते हुए उससे बायोडाटा ले लिया.कुछ दिनों बाद राजीव ने फोन कर उसे 15 हजार रुपये प्रतिमाह पर नौकरी देने का भरोसा दिया. पीड़िता सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक काम करने लगी.उसे रिकॉर्ड मेंटेन करने का काम सौंपा गया था.

करीब 15 दिन बाद पीड़िता ने नौकरी छोड़ दी और वेतन मांगा. एक दिन ऑफिस बुलाने के बाद उसे कॉफी और खाना दिया गया. खाना खाने के बाद उसे तेज सिरदर्द होने लगा.राजीव ने उसे दूसरे कमरे में आराम करने को कहा. वहां जाते ही पीड़िता बेहोश हो गई. जब होश आया तो उसने खुद को निर्वस्त्र हालत में पाया. कमरे में राजीव गुप्ता और प्रदीप मित्तल शराब पी रहे थे. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया.

वीडियो की धमकी देकर सालों तक शोषण

पीड़िता ने बताया कि अश्लील वीडियो की धमकी देकर राजीव गुप्ता ने 2017 से 2020 तक कई बार दुष्कर्म किया. इतना ही नहीं, उसने प्रदीप मित्तल और अपने अन्य दोस्तों से भी दुष्कर्म कराया.लॉकडाउन के दौरान भी राजीव वीडियो कॉल कर पीड़िता को कपड़े उतारने के लिए मजबूर करता था.

शादी के बाद हिम्मत जुटाकर शुरू की लड़ाई

साल 2020 में पीड़िता की शादी हो गई. इसके बाद उसने सारी आपबीती अपने पति को बताई. पति ने उसका साथ दिया और न्याय की लड़ाई शुरू हुई.पीड़िता ने पहले पुलिस से शिकायत की,लेकिन कार्रवाई नहीं हुई.बाद में कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई. मोबाइल डेटा की जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की.कोर्ट में चार सीट दाखिल करने के बाद कैसे की सुनवाई आगे बड़ी और अब जाकर दोनों प्रॉपर्टी डीलर को 20-20 साल की सजा हुई है.

जुर्माना नहीं दिया तो बढ़ेगी सजा

कोर्ट ने साफ कहा कि अगर राजीव गुप्ता जुर्माना नहीं देता है तो उसे 28 महीने की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी. वहीं प्रदीप मित्तल को जुर्माना न देने पर 16 महीने का अतिरिक्त कारावास झेलना पड़ेगा.अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नौकरी का झांसा देकर महिला की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. यह फैसला समाज के लिए एक कड़ा संदेश है.

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