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जेवर एयरपोर्ट पर 10 बड़े काम पूरे, जानिए कौन से काम अब भी अधूरे; उड़ान की तैयारी तेज

जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। यहां पर अब तक बिजली, पानी और ईंधन की आपूर्ति से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक सभी काम पूरे हो चुके हैं। वहीं टर्मिनल का काम अंतिम फेज में है, इसके पूरा हो जाने के बाद उड़ान की तैयारी की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि साल 2021 में पहले फेज के तहत यानी जिस दिन एयरपोर्ट की नींव रखी गई थी, उस दौरान यह परियोजना केवल कागजों और नक्शों पर टिकी थी, लेकिन आज यहां रनवे, टैक्सी-वे, बिजली, पानी और सड़क नेटवर्क समेत सुरक्षा व्यवस्था के सभी काम पूरे हो चुके हैं।

उड़ान शुरू हो जाने के बाद यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निवेश, पर्यटन और रोजगार का केंद्र भी बन जाएगा। पिछले साल दिसंबर में एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस का विमान उतारकर 3900 मीटर लंबे रनवे की क्वालिटी का निरीक्षण किया जा चुका है। फिलहाल टर्मिनल बिल्डिंग का काम पूरा किया जाएगा, टर्मिनल पर शीशे भी लग चुके हैं, केवल फिनिशिंग की जा रही है। पहले फेज में 1334 हेक्टेयर में एयरपोर्ट बन रहा है।

कौन से 10 काम पूरे हुए?

  • एयरपोर्ट पर 3900 मीटर लंबा पहला रनवे बनाकर तैयार कर लिया गया है। यहां लाइटिंग और मार्किंग के साथ-साथ नेगिवेशन एड तक स्थापित किए गए हैं।
  • विमानों के टर्मिनल तक पहुंचने के लिए टैक्सी-वे बना लिया गया है। टर्मिनल के पास दो कार्गो समेत 27 विमानों को खड़ा करने के लिए स्टैंड भी बनाया गया है।
  • एयरपोर्ट पर दो एयरसाइड गेट बनाए गए हैं। इसके साथ-साथ यात्रियों के टर्मिनल से विमानों तक पहुंचने के लिए 10 एयरोब्रिज भी स्थापित कर लिए गए हैं।
  • एयर ट्रैफिक कंट्रोल में सभी मुख्य रडार सिस्टम लगा दिए गए हैं। इस टावर की मदद से विमानों के लिए यातायात प्रबंधन किया जा सकता है।
  • आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगाया गया है, ताकि आपात आग लगने की स्थिति पर काबू पाया जा सके।
  • वहीं चालक दल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केबिन डेल्यूज सिस्टम की व्यवस्था की गई है। टंकी में 12500 लीटर पानी और 1,500 लीटर तक फोम भरा जा सकता है। पंप 10 बार प्रेशर पर 10,000 लीटर प्रति मिनट पानी छोड़ सकता है।
  • एयरपोर्ट के लिए भारत पेट्रोलियम ने फरीदाबाद के पियाला डिपो से 34 किलोमीटर लंबी भूमिगत ईंधन पाइपलाइन बिछाई है। वहीं दूसरी गाड़ियों के लिए पेट्रोल पंप भी बनाया गया है।
  • एयरपोर्ट पर 13 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए सोलर प्लांट लगाया गया है। प्राधिकरण ने मौजूदा समय में 623 मेगावाट यानी 4 फेज की बिजली खपत का पावर बैंक तैयार कर लिया है।
  • पानी सप्लाई के लिए फलैदा बांगर में हाइड्रो एब्स्ट्रेक्शन पंप लगाया गया है। इसके लिए 6.7 किलोमीटर की लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है।

कौन से काम अधूरे हैं?

टर्मिनल बिल्डिंग का करीब 90 प्रतिशत तक काम पूरा हो गया है, लेकिन फिनिशिंग का काम चल रहा है। ई-गेट्स भी लगा दिए गए हैं। वहीं उड़ान के लिए एयरोड्रम लाइसेंस के लिए DGCA के लिए आवेदन किया गया है। एयरपोर्ट पर 80 एकड़ में कार्गो टर्मिनल बनाया जा रहा है । इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे से कार्गो टर्मिनल तक बनने वाली 8.25 किलोमीटर लंबी सड़क का काम भी अधूरा है।

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