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ट्रंप को नसों की बीमारी, पैरों में आ रही सूजन; व्हाइट हाउस ने जारी किया बयान

वाशिंगटन डीसीः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नस से संबंधित बीमारी से जूझ रहे हैं. ‘क्रोनिक शिरापरक अपर्याप्तता’ (chronic venous insufficiency) बीमारी का पता चला है. इस वजह से उनके पैरों में सूजन देखी गयी है. इससे, फिलहाल कोई परेशानी नहीं है. 17 जुलाई को व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक ज्ञापन में यह जानकारी दी गयी.

डोनाल्ड ट्रंप के चिकित्सक सीन बारबेला ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पैरों में हल्की सूजन महसूस होने के बाद एक संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराया था. इसमें डीप वेन थ्रोम्बोसिस या धमनी रोग जैसी अधिक गंभीर स्थिति का कोई सबूत नहीं मिला. बारबेरेला ने कहा कि राष्ट्रपति का स्वास्थ्य कुल मिलाकर बेहतर है. उन्होंने कहा कि यह “नियमित चिकित्सा देखभाल और अत्यधिक सावधानी” के तहत किया गया है.

ट्रंप के चिकित्सक द्वारा जारी ज्ञापन में कहा गया है, “राष्ट्रपति की व्यापक जांच की गई, जिसमें संवहनी अध्ययन भी शामिल था। द्विपक्षीय निचले छोर की शिरापरक डॉपलर अल्ट्रासाउंड की गई, जिसमें क्रोनिक शिरापरक अपर्याप्तता का पता चला, जो एक सौम्य और सामान्य स्थिति है. विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में.” बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप की उम्र करीब 79 वर्ष है.

जांच रिपोर्ट की महत्वपूर्ण बातेंः

  • रक्त के थक्के या धमनी रोग का कोई सबूत नहीं मिला.
  • सभी परिणाम सामान्य सीमा के भीतर थे.
  • एक इकोकार्डियोग्राम भी किया गया और सामान्य हृदय संरचना और कार्य की पुष्टि हुई.
  • हृदय की कार्यप्रणाली, गुर्दे की दुर्बलता या प्रणालीगत बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए गए.
  • यह बार-बार हाथ मिलाने और एस्पिरिन के उपयोग से होने वाली मामूली नरम ऊतकों की जलन के अनुरूप है, जिसे मानक हृदय रोग निवारण आहार के भाग के रूप में लिया जाता है.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का स्वास्थ्य अच्छा है. उन्होंने कहा कि उनकी उम्र को देखते हुए उनके पैरों के निचले हिस्से में सूजन एक सामान्य स्थिति है. उनके दाहिने हाथ पर चोट के निशान कई लोगों से हाथ मिलाने के कारण हुए हैं.

क्रोनिक शिरापरक अपर्याप्तता क्या हैः इस बीमारी में पैरों की नसें रक्त को हृदय तक वापस प्रवाहित नहीं होने देती है. नसों में मौजूद वाल्व यह सुनिश्चित करते हैं कि रक्त हृदय की ओर बहे. लेकिन जब ये वाल्व ठीक से काम नहीं करते हैं, तो रक्त पीछे की ओर भी बह सकता है. इससे पैरों में रक्त जमा हो सकता है.

क्रोनिक शिरापरक अपर्याप्तता के लक्षणः दीर्घकालिक शिरीय अपर्याप्तता वाले लोगों को पैर में सूजन (एडीमा) होती है. आमतौर से दिन के अंत में सबसे अधिक होती है क्योंकि जब व्यक्ति खड़ा या बैठा होता है तब रक्त को गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध ऊपर की ओर बहना पड़ता है. रात भर में, एडीमा कम हो जाता है. क्योंकि जब लोग लेट जाते हैं तो शिराएं अच्छी तरह से खाली होती हैं.

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