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29 लाख की फिरौती और हवाला का खेल! ग्रेटर नोएडा पुलिस ने पकड़े फर्जी GST अधिकारी, दिल्ली का DCPO निकला मास्टरमाइंड

नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में फिल्म स्पेशल 26 की तर्ज पर लूट की एक बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. आरोपियों ने खुद को GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर एक GST कंसलटेंट को करीब सात घंटे तक बंधक बनाए रखा. इसके बाद उससे 29 लाख रुपए लूट लिए. पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 24.50 लाख रुपए नकद, करीब 4.5 लाख रुपए कीमत के सोने के आभूषण, पुलिस की वर्दी और अन्य सामान बरामद किया गया है. पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने वारदात से पहले करीब ढाई साल तक पीड़ित की रेकी की थी.

ओवरटेक कर कार रोकी, खुद को बताया GST अधिकारी

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह के मुताबिक, बिसरख क्षेत्र में रहने वाले संदीप GST कंसलटेंट हैं. 20 जुलाई को वह अपनी कार से जा रहे थे. इसी दौरान आरोपियों ने उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया. इसके बाद आरोपियों ने खुद को GST अधिकारी बताया और GST में गड़बड़ी होने की बात कहकर उन्हें डराना शुरू कर दिया. आरोपियों में दो लोग पुलिस की वर्दी में भी थे. सरकारी अधिकारी और पुलिसकर्मी समझकर संदीप डर गए. आरोपियों ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लिया और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते जेवर की तरफ ले जाने लगे.

50 लाख की मांग, 29 लाख में हुआ सौदा

आरोपियों ने कंसलटेंट से 50 लाख रुपए की मांग की. इस दौरान उसे लगातार धमकाया गया और कहा गया कि उसे लखनऊ ले जाया जा रहा है. करीब सात घंटे तक उसे अलग-अलग जगहों पर घुमाया गया. लगातार दबाव और डर के बीच आखिरकार 29 लाख रुपए में सौदा तय हुआ. इसके बाद पीड़ित ने अपने भाई से 29 लाख रुपए मंगवाए. रकम मिलने के बाद आरोपियों ने उसे छोड़ दिया. घर पहुंचने के बाद पीड़ित ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी.

शिकायत के बाद भी करीब 19 दिन तक घूमता रहा मामला

पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन करीब 19 दिनों तक मामले में कोई बड़ा खुलासा नहीं हो सका. बाद में जब यह खबर TV9 भारतवर्ष पर प्रसारित हुई तो पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया. इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गईं. जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों और उनके संपर्कों की जानकारी जुटाई. इसके बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

5 आरोपी गिरफ्तार, 2 अभी फरार

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिजनौर निवासी काशीष चौहान, दिल्ली निवासी राजेश पवार, मथुरा निवासी विवेक शर्मा, देवरिया निवासी अंकित शाही और एटा निवासी अंशुल के रूप में हुई है. मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 24.50 लाख रुपए नकद और करीब 4.5 लाख रुपए कीमत के सोने के आभूषण बरामद किए हैं. इसके अलावा पुलिस के सब-इंस्पेक्टर की वर्दी, दिल्ली डिफेंस फोर्स की वर्दी और मोबाइल फोन भी मिले हैं. पुलिस का कहना है कि बरामद सामान वारदात से जुड़े अहम सबूत हैं.

ढाई साल तक की रेकी, फिर तैयार किया पूरा प्लान

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पीड़ित की करीब ढाई साल तक रेकी की थी. इस दौरान उन्होंने उसके कामकाज, आने-जाने और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई. इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर लूट करने की योजना तैयार की. आरोपियों ने सरकारी वर्दी और अधिकारी होने का डर दिखाकर पीड़ित पर दबाव बनाया और उसे लंबे समय तक बंधक रखा. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने इससे पहले ऐसी किसी अन्य वारदात को अंजाम दिया है या नहीं.

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