Yamuna Authority का क्या है बड़ा प्लान? ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटन के लिए तय किए मानक

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा में 8,000 वर्ग मीटर से ज्यादा के प्लॉट (भूखंड) के लिए संभावित निवेश के आधार पर भूखंड देने के इरादे से उद्योगों की सूची में कुछ बदलाव किए हैं। जागरण डॉट कॉम की खबर के मुताबिक, नए बदलाव के बाद इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, फिल्म निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, एमआरओ सेवाएं, विमानन केंद्र, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग, कॉमिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विमान निर्माण और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उद्योगों को प्राथमिकता में रखा गया है।
नए वित्तीय वर्ष में लागू होगी
खबर के मुताबिक, प्राधिकरण की नई लिस्ट में कई तरह के उद्योग शामिल हैं, जिससे उन्हें भूमि की पेशकश करने के लिए प्राथमिकता वाले व्यवसाय बना दिया गया है। यह योजना 1 अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्तीय वर्ष में लागू हो जाएगी। बदलाव में यह तय किया गया है कि मूल्यांकन अवधि के दौरान हाई स्कोर वाले व्यवसायों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा, और प्राधिकरण द्वारा व्यवसायों को उपयुक्त मानने के बाद ही भूमि अलॉट की जाएगी।
कुछ कंपनियों को अतिरिक्त अंक मिलेंगे
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अपने बदली हुई प्राथमिकता में निवेश जुटाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण, डेटा, हथकरघा और दूसरे उद्योगों को भी प्राथमिकता दी है। निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई), भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), फॉर्च्यून और ग्लोबल 500 द्वारा मान्यता प्राप्त कंपनियों को अतिरिक्त अंक मिलेंगे। यहां एक बात ध्यान रहे, अतिरिक्त अंक स्पेशल क्राइटेरिया को पूरा करने वाले आवेदकों को ही दिए जाएंगे।
सेक्टर 24 में 10 हजार वर्गमीटर के 20 भूखंड
बदलाव को लेकर यह मंजूरी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के बोर्ड की मीटिंग में दी गई। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक भूखंड आवंटन नीति के मसौदे को आखिरी रूप देने के बाद यीडा ने अलॉटमेंट पॉलिसी लागू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, मूल्यांकन मानक तय होने के बाद प्राधिकरण नए वित्तीय वर्ष में औद्योगिक भूखंड योजना लॉन्च करेगा। सेक्टर 24 में 10 हजार वर्गमीटर के 20 भूखंड उपलब्ध हैं।