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ब्रायन लारा को भेजा गया था पहला IPL कॉन्ट्रैक्ट, कर दिया था रिजेक्ट; फिर कभी नहीं खेल पाए आईपीएल

नई दिल्ली.  क्रिकेट की दुनिया में जब भी रिकॉर्ड्स और क्लासिक बल्लेबाजी का जिक्र होता है, तो विंडीज के दिग्गज ब्रायन चार्ल्स लारा का नाम सबसे ऊपर आता है. टेस्ट क्रिकेट में 400* और प्रथम श्रेणी में 501* रनों की ऐतिहासिक पारियां खेलने वाले इस खिलाड़ी के पास वो सब कुछ था जो एक ब्रांड को चाहिए लेकिन आईपीएल के सुनहरे इतिहास में एक पन्ना हमेशा खाली रह गया लारा का मैदान पर उतरना.

साल 2008 में जब आईपीएल की नींव रखी जा रही थी, तब बीसीसीआई दुनिया के सबसे बड़े सितारों को इस लीग से जोड़ना चाहता था. ipl इतिहास का पहला कॉन्ट्रैक्ट ब्रायन लारा को भेजा गया था. उस वक्त लारा की ब्रैंड वैल्यू चरम पर थी; उनके नाम से वीडियो गेम्स चलते थे और वे दुनिया के सबसे घातक बल्लेबाजों में गिने जाते थे. हालांकि, आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने उस समय विदेशी खिलाड़ियों के लिए 4 लाख डॉलर की एक सीमा तय की थी। लेकिन ‘प्रिंस ऑफ पोर्ट ऑफ स्पेन’ ने बीसीसीआई के सामने एक ऐसी मांग रख दी जिसने बोर्ड को चौंका दिया.

लारा की डिमांड

लारा ने 1 मिलियन डॉलर की मांग की, जो उस समय के टॉप खिलाड़ियों को मिलने वाली राशि से लगभग 2.5 गुना ज्यादा थी चूंकि लारा तब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके थे, इसलिए बोर्ड ने एक रिटायर्ड खिलाड़ी पर इतनी बड़ी रकम खर्च करना सही नहीं समझा. नतीजा यह हुआ कि आईपीएल के पहले सीजन में लारा की जर्सी नहीं दिख पाई. लारा का तर्क शायद उनकी विरासत के अनुरूप था, लेकिन आईपीएल की व्यावसायिक रणनीति अलग थी.  2008 में लारा का बल्ला भले ही रनों की आग उगल रहा था, लेकिन नीलामी के गणित ने उनके और आईपीएल के बीच एक दीवार खड़ी कर दी. जिस खिलाड़ी के नाम से क्रिकेट की दुनिया कांपती थी, वह अपनी शर्तों के कारण इस ग्लैमरस लीग का हिस्सा नहीं बन सका.

2011: जब लारा लौटे, पर खरीदार नहीं मिले

तीन साल बाद, 2011 की मेगा नीलामी में लारा ने एक बार फिर वापसी की कोशिश की. इस बार उन्होंने अपनी जिद छोड़ी और 4 लाख डॉलर के बेस प्राइस के साथ अपना नाम रजिस्टर कराया लेकिन तब तक वक्त बदल चुका था टीमें अब भविष्य की ओर देख रही थीं और युवा प्रतिभाओं पर दांव लगा रही थीं.  41 वर्ष की उम्र और लंबे समय से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने के कारण, किसी भी फ्रेंचाइजी ने इस महान खिलाड़ी पर बोली नहीं लगाई. लारा अनसोल्ड (Unsold) रहे, और उनका आईपीएल खेलने का सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया.
ब्रायन लारा का आईपीएल न खेल पाना क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी कसक है और यह कहानी हमें बताती है कि खेल के बाजार में कभी-कभी ‘विरासत’ पर ‘समय’ और ‘रणनीति’ भारी पड़ जाती है. लारा भले ही आईपीएल की जर्सी न पहन सके हों, लेकिन आज वे मेंटर और कोच के रूप में इस लीग का हिस्सा हैं, जो दर्शाता है कि आईपीएल को लारा की जरूरत हमेशा रहेगी.

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