नोएडा अथॉरिटी में बड़ा फेरबदल: कई OSD के विभाग बदले, आवासीय भूखंड पर 2 अफसर तैनात

नोएडा प्राधिकरण ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा फेरबदल किया है। इसके तहत कई विभागों में ओएसडी (विशेष कार्याधिकारी) स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था में तेजी और पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आवासीय भूखंड विभाग में संयुक्त जिम्मेदारी
प्राधिकरण के सबसे अहम विभागों में से एक आवासीय भूखंड विभाग में अब दो वरिष्ठ ओएसडी को संयुक्त रूप से तैनात किया गया है। ओएसडी एनके सिंह और संतोष कुमार को इस विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले यह विभाग एजीएम संजीव बेदी के पास था। प्रशासनिक जानकारों के अनुसार, विभाग की कार्यशैली को लेकर उठ रहे सवालों और काम में तेजी लाने की जरूरत के चलते यह निर्णय लिया गया है।
अन्य विभागों में भी नई नियुक्तियां
फेरबदल के तहत कई अन्य ओएसडी को भी अलग-अलग विभागों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ओएसडी एनके सिंह को आवासीय भूखंड विभाग के साथ क्रय विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है। वहीं ओएसडी संतोष कुमार को आवासीय भूखंड विभाग के साथ बाह्य विज्ञापन विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह को सामान्य प्रशासन के साथ हाउसिंग विभाग का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। इसके अलावा ओएसडी अरविंद कुमार को भूलेख विभाग के साथ ग्रुप हाउसिंग विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भूमि अधिग्रहण और प्रमुख परियोजनाओं की जिम्मेदारी
ओएसडी क्रांति शेखर सिंह को भूलेख विभाग में भूमि अधिग्रहण, लैंड रिकॉर्ड, स्पोर्ट्स सिटी और वाणिज्यिक विभाग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। इन विभागों को प्राधिकरण की प्रमुख परियोजनाओं और राजस्व से जुड़ा हुआ माना जाता है।
वर्क सर्कल स्तर पर भी बदलाव
प्रशासनिक फेरबदल केवल विभागीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वर्क सर्कल स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। विश्वास त्यागी को वर्क सर्कल-10 का प्रभारी बनाया गया है, जबकि इससे पहले वे सर्कल-6 और ट्रैफिक सेल की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसी तरह डोरी लाल वर्मा को वर्क सर्कल-7 का कार्यभार सौंपा गया है।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम
नोएडा प्राधिकरण का यह कदम कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने, परियोजनाओं में तेजी लाने और विभागीय जवाबदेही तय करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। अधिकारियों की नई तैनाती से प्रशासनिक कामकाज में बेहतर समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है।



