यूपी में दंपती शिक्षकों के लिए बड़ी राहत, सरकार ने बढ़ाई अंतरजनपदीय तबादले के आवेदन की समय सीमा

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत दंपती शिक्षकों को अंर्तजनपदीय तबादलों के लिए आवेदन करने का एक और मौका है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने परिषदीय शिक्षकों के अंर्तजनपदीय तबादलों को लेकर दिए गए निर्देश के बाद मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग ने दंपती शिक्षकों के लिए आवेदन की तारीख बढ़ा दी है।
अपर मुख्य सचिव, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि कोर्ट के आदेश के अनुसार शासनादेश से आच्छादित शिक्षक और शिक्षिकाओं को आवेदन के लिए पांच अगस्त तक का समय दिया जाए। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर सूचना जारी करते हुए सभी जिलों के शिक्षकों को सूचित करें। बता दें कि दंपती शिक्षकों के तबादले को लेकर यह असमंजस हो गया था कि अगर पति या पत्नी में से कोई भी दंपत्ति नीति के तहत आवेदन करेगा तो जहां पर छात्र-शिक्षक अनुपात कम होगा वहां दोनों में से किसी एक का स्थानांतरण कर दिया जाएगा। अब बेसिक शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पति या पत्नी में से जो आवेदन करेगा सिर्फ उसी का स्थानांतरण होगा दूसरे का नहीं।
प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक के छात्रों को मिलेगा समग्र रिपोर्ट कार्ड
परिषदीय स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक के छात्रों को वर्तमान शैक्षिक सत्र 2026-27 से समग्र (होलिस्टिक) रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा। जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व का संपूर्ण मूल्यांकन भी किया जाएगा। स्कूली शिक्षा महानिदेशालय की ओर से सभी जिलों को इसकी तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रति छात्र पांच रुपये की दर से यह समग्र रिपोर्ट कार्ड छपवाए जाएंगे। समग्र रिपोर्ट कार्ड पर साल में दो बार सितंबर के अंतिम सप्ताह व मार्च के अंतिम सप्ताह में शिक्षक विभिन्न मानकों की कसौटी पर छात्रों को कसेंगे और इस पर अपनी प्रविष्टियां भरेंगे। विषयवार छात्रों की प्रगति का ब्योरा होगा। विषयवार छात्रों की समझ, समस्या समाधान व योग्यता आधारित आकलन किया जाएगा। संगीत, नृत्य, खेलकूद, वाद-विवाद व कला में उसका प्रदर्शन आंका जाएगा।
सर्वांगीण प्रदर्शन का आकलन होगा
यह रिपोर्ट कार्ड सिर्फ शैक्षणिक अंकों तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों के संज्ञात्मक, सामाजिक-भावनात्मक, नैतिक व शारीरिक विकास सहित उनके सर्वांगीण प्रदर्शन का आकलन करेगा। समग्र रिपोर्ट कार्ड पर छात्र की हर महीने उपस्थिति, उनके माता-पिता का नाम सहित उसकी सभी जानकारी उपलब्ध रहेंगी। समग्र रिपोर्ट कार्ड देखकर छात्र के संपूर्ण व्यक्तित्व का आकलन किया जा सकेगा। फिलहाल वर्तमान शैक्षिक सत्र से इसे लागू किया जा रहा है। अगस्त तक सभी जिलों में यह निर्देश दिए गए हैं कि अगस्त महीने तक विद्यालय स्तर पर इस समग्र रिपोर्ट कार्ड उपलब्ध कराए जाएं। जिससे सितंबर के अंतिम सप्ताह में शिक्षक उस पर प्रत्येक छात्र के प्रदर्शन का ब्योरा भर सकें।



