पीएम मोदी इजराइल का दौरा समाप्त कर वापस लौटे, FTA पर जल्द होगी घोषणा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को इजराइल की दो दिवसीय ऐतिहासिक सरकारी यात्रा के बाद भारत लौट आए। यह नौ साल में उनका पहला दौरा था, जिसने दोनों देशों के आपसी संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया।
विभिन्न क्षेत्रों में समझौते और सहयोग
इस दौरे के दौरान इनोवेशन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्थिक सहयोग, कूटनीति और सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में कुल 27 समझौते हुए। पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत और इजराइल जल्द ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करेंगे। उन्होंने हाई-टेक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के लिए क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप की स्थापना की भी घोषणा की।
आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रुख
पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ अपने दृढ़ इरादे को दोहराया और स्पष्ट कहा कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता सीधे भारत की सुरक्षा से जुड़ी है, इसलिए भारत इस क्षेत्र में संवाद और शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों का समर्थन करता है।
गाजा पीस प्लान का स्वागत
पीएम मोदी ने विशेष रूप से गाजा पीस प्लान का स्वागत किया और कहा कि भारत ऐसे प्रयासों का पूरा सहयोग करता है, ताकि इंसानियत कभी संघर्ष का शिकार न बने।
इजराइल की प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत मुलाकातें
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी के दौरे को ‘अद्भुत’, ‘बहुत फायदेमंद’ और ‘दिल को छूने वाला’ बताया। उन्होंने संसद में पीएम मोदी के भाषण के भावनात्मक प्रभाव की सराहना की और भारत की दोस्ती के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। नेतन्याहू ने एक निजी अनुभव भी साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी सारा के साथ तेल अवीव के एक इंडियन रेस्टोरेंट में भोजन का आनंद लिया।
भविष्य की योजनाएं और सहयोग
इजराइली प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच प्रतिभा और सोच के मेल की संभावना पर जोर दिया और विश्वास जताया कि यह साझेदारी निरंतर बढ़ती रहेगी। उन्होंने भारत में गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (G2G) मीटिंग की योजना की घोषणा की और आगे की बातचीत के लिए प्रमुख मंत्रियों को लाने की उम्मीद जताई।



