मेरठ: फंदे से लटका था युवक, कांस्टेबल ने बचा ली जान; CPR देकर हॉस्पिटल पहुंचाया

मेरठ: उत्तर प्रदेश में फांसी के फंदे पर झूलते युवक के लिए डायल 112 पर तैनात पुलिसकर्मी देवदूत बन गए. पुलिसकर्मी सिद्धांत तोमर ने कमरे की दीवार तोड़कर फांसी के फंदे पर झूल रहे युवक विशाल को नीचे उतारा और सीपीआर देकर उसकी जान बचाई. जरा सी भी देरी हो जाती तो विशाल की जान जा सकती थी. मौके पर मौजूद भीड़ पुलिसकर्मियों को दुआ और शाबाशी देती नजर आ रही थी. घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी जिंदगी खतरे से बाहर है. ये मामला मरेठ का है.
दीवार तोड़कर कमरे में ली एंट्री
दरअसल, गंगानगर थाना इलाके के कसेरुबक्सर के रहने वाले विशाल पर फोन पर किसी युवती से कुछ बात हो गई थी. दूसरी बात ये भी निकलकर आ रही है कि कसेरुबकार में उसका कुछ युवकों से झगड़ा हो गया था. इसी से विशाल परेशान था. कुछ ही देर बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया. परिजनों ने खूब दरवाजा खटखटाया लेकिन विशाल ने दरवाजा नहीं खोला. परिजनों ने पुलिस को फोन कर दिया. डायल 112 पर तैनात सिपाही सिद्धांत तोमर अपने साथी सिपाही के साथ मौके पर पहुंचे और दरवाजा ना खुलने पर तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन जब दरवाजा नहीं टूटा तो फिर हथौड़े से दीवार तोड़कर कमरे के अंदर एंट्री की गई, और दरवाजा खोला गया.
पुलिसवालों ने देखा कि विशाल फांसी के फंदे पर झूल रहा था. तुरंत उसे फांसी के फंदे से नीचे उतारकर खाट पर लिटाया गया और फिर सीपीआर देकर उसकी जान बचाई गई. चंद सेकेंड का खेल था यदि देरी हो जाती तो विशाल की जान चली जाती. विशाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां अब वो खतरे से बाहर है. हालांकि परिवार के लोग कुछ युवकों से हुए झगड़े को ही सुसाइड के प्रयास के पूछी की वजह बता रहें हैं.



