
नोएडा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गौतमबुद्ध नगर जिले में तालाबों और अन्य जलाशयों के संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी जलाशयों का विस्तृत और अद्यतन ब्यौरा नई रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत किया जाए। इसमें प्रत्येक जलाशय का पुराना राजस्व अभिलेखों के अनुसार क्षेत्रफल, उस पर हुए अतिक्रमण का विवरण और अतिक्रमण हटाने के लिए की गई कार्रवाई का उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाए।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने 14 जुलाई को पारित आदेश में कहा कि गौतमबुद्ध नगर में नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी जलाशयों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया जाए। पीठ ने कहा कि 10 जुलाई को डीएम द्वारा दाखिल रिपोर्ट में आवश्यक जानकारियों का अभाव था।
मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी
रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि प्रत्येक जलाशय का मूल क्षेत्रफल कितना है, कितनी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है और उसे हटाने के लिए क्या कार्रवाई की गई है। इसलिए डीएम को नई रिपोर्ट तैयार कर सारणीबद्ध रूप में सभी विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी, जिसमें नई रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।



