
देहरादून। सीएम धामी ने कहा कि संस्थागत पारदर्शिता के लिए आयोग ने हर कदम उठाया है। किसी एक आपत्तिके आधार पर कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। सवाल उठाना लोकतंत्र का अधिकार है लेकिन एजेंडा चलाने की भावना नहीं होनी चाहिए। लोकतंत्र में संस्थाओं को बदनाम करने का काम कांग्रेस कर रही है।
कांग्रेस नेता कॉमेडी करने का काम कर रहे हैं। जिस तरह से पीएम मोदी की मां और डोभाल जी के सम्मान से खिलवाड किया उत्तराखंड के लोग उसे कभी माफ नहीं करेंगे। इससे पहले जनरल विपिन रावत के सम्मान को लेकर भी कांग्रेस ने गलत शब्दावली का प्रयोग किया था।
कांग्रेस की राज्य को लेकर क्या सोच है पूरे राज्य को पता
उत्तराखंड राज्य के गठन में भी जब भी गोली कांड हुआ, माताओं बहनों के साथ गलत व्यवहार किया। तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, कांग्रेस की राज्य को लेकर क्या सोच है पूरे राज्य को पता है। कांग्रेस आये दिन नये नये एजेंडे चलाती है और उसका हश्र क्या होता है सबको पता है। राहुल कहते हैं उत्तराखंड की सरकार ने किसी नकल माफिया को जेल नहीं भेजा जबकि यहां सौ से अधिक नकल माफिया जेल जा चुके हैं।
अफवाह फैलाने का काम कांग्रेस करती है। यह उनकी संस्कृति है। हल्द्वानी में भी ऐसा ही प्रयास किया इन्होंने। हवन होने से पहले किसो के खिलाफ हवन होने की कोई खबर आई क्या, कोई सबूत सरकार नहीं दे सकी कांग्रेस। उत्तराखंड में सभी जाति समाज के लोग मिलकर देवी देवताओं का आह्वान करते हैं। दलित राजनीति को लेकर माहौल बनाना चाहती थी कांग्रेस। अब कांग्रेस के झूठ में आने वाले नहीं हैं लोग।
राहुल को अब जीत का अहसास नहीं होना है। उनको अभी लम्बे समय तक हार का ही अहसास होना है। कांग्रेस की दाल अब गलने वाली नहीं है। नई जेनरेशन भी अब पिछले समय में जाकर सब जान रही है कैसे पहले घोटाले होते थे, कैसे रिमोट से सरकार चलती थी।
कांग्रेस को हार का अहसास हो गया है इसलिए कांग्रेस ऐसे सवाल उठा रही है। दिल्ली से कांग्रेस की राष्ट्रीय टीम बार बार उत्तराखंड के मुद्दे उठा रही है, इसकी वजह सीएम ने बताते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस कुछ नहीं कर पा रही है इसलिए दिल्लो में केंद्र के कांग्रेसी नेता मोर्चा सम्भाल रहे हैं।



