अपराधएनसीआरनोएडा

स्कूटी ट्रेनर निकला बाइक चोर गिरोह का सरगना, नोएडा पुलिस ने दबोचे दो आरोपी; 10 बाइक बरामद

नोएडा: नोएडा के सेक्टर-49 थाने की पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी करने वाले गिरोह का बुधवार को पर्दाफाश करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के कब्जे से चोरी की 10 मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं, जिनमें चार ऐसी बाइक भी शामिल हैं, जिनकी चोरी के मुकदमे सेक्टर-49, सेक्टर-20, फेज तीन और सेक्टर-39 थानों में पहले से दर्ज हैं. पुलिस अन्य बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है. गिरोह के सदस्य 80 से अधिक दो पहिया वाहनों की चोरी कर चुके हैं.

एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पांच जुलाई को एक व्यक्ति ने सेक्टर-50 से अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत सेक्टर-49 थाने में दर्ज कराई थी. मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से जांच शुरू की और जांच के दौरान सेक्टर 50 स्थित बिजलीघर के पास से बलिंदर और विवेक को गिरफ्तार कर लिया गया. उनकी निशानदेही पर चोरी की कुल 10 मोटरसाइकिल बरामद हुईं. बलिंदर मूलरूप से बिहार के कटिहार का निवासी है और वर्तमान में होशियारपुर में रह रहा था. उसकी उम्र 23 साल है.

वहीं 19 वर्षीय विवेक सेक्टर 51 का निवासी है. पुलिस ने दोनों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया. पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पहले नोएडा और एनसीआर के विभिन्न इलाकों में घूमकर ऐसे स्थानों की रेकी करते थे, जहां बाइक लंबे समय तक खड़ी रहती थीं. मौका मिलते ही वे वाहन चोरी कर लेते थे और उसे एक सुरक्षित स्थान पर पार्क कर देते थे. जब कोई खरीदार मिलता था तो वे लोगों को कम कीमत पर इसे बेच देते थे. इससे उन्हें पैसे भी मिल जाते थे और चोरी की गाड़ियों का पता लगाना भी मुश्किल हो जाता था.

बुलंदशहर, हापुड़ और मथुरा समेत अन्य जगहों पर चोरी की बाइक आठ से 15 हजार रुपए में बेची जाती थी. वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उनके वास्तविक मालिकों और संबंधित थानों की जानकारी जुटाई जा रही है. जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है. बलिंदर के खिलाफ सेक्टर-39 थाने में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है, जबकि विवेक के खिलाफ सेक्टर-24 थाने में आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो चुका है.

साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और चोरी की अन्य मोटरसाइकिल किन लोगों को बेची गई हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और चोरी के अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है. बरामद मोटरसाइकिलों का सत्यापन कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button