विधायक बृजभूषण की स्कॉर्पियो में ट्रक ने मारी टक्कर, पिता बोले- बेटे को मारने की साजिश

महोबा। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से जल जीवन मिशन के मुद्दे पर हुई झड़प के बाद चर्चा में आए चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत बुधवार रात एक सड़क हादसे में बाल-बाल बच गए। वह हमीरपुर में आयोजित एक शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी रात करीब साढ़े बारह बजे खरेला के संकट मोचन मंदिर के पास एक ट्रक ने काफिले को टक्कर मार दी।
विधायक की कार के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी को सड़क के नीचे गड्ढे में उतार दिया, जिससे विधायक सुरक्षित बच गए, लेकिन ठीक पीछे चल रही स्कार्पियो को ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में विधायक के सरकारी गनर श्याम सिंह, निजी सुरक्षा गार्ड किशनपाल व चालक जितेंद्र घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद सुरक्षाकर्मियों का वाहन काफी दूर तक घिसटता चला गया। विधायक के प्रतिनिधि उदित राजपूत की तहरीर पर खरेला थाने में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने लगाए ये आरोप
इस घटना के बाद विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने इसे सामान्य हादसा मानने से इन्कार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि दो महीने पहले ही उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को अपने बेटे की जान को खतरा होने की लिखित सूचना दी थी, जिसकी लखनऊ और महोबा की एलआईयू ने जांच भी की थी। पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने के कारण उनके बेटे की हत्या की साजिश रची जा रही है।
वहीं, विधायक बृजभूषण राजपूत ने भी इस घटना को एक सोची-समझी साजिश बताया है। उनका कहना है कि ट्रक चालक नशे में नहीं था और वह अपने तय और छोटे रूट छतरपुर-महोबा-कबरई को छोड़कर खरेला के रास्ते से जा रहा था, जो संदेह पैदा करता है। उन्होंने अपने परिवार के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि उनके दादा-परदादा की भी हत्या हुई थी और पिता पर भी फायरिंग हुई थी, लेकिन वह धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। इस पूरे मामले की जांच एसआइटी से होनी चाहिए।
पुलिस प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने ट्रक के चालक कुंदन महाजन और खलासी नीलेश लोहार को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। सीओ चरखारी दीपक दुबे के मुताबिक, चालक और खलासी ने बताया है कि वह महाराष्ट्र के जलगांव के एक ट्रांसपोर्टर के कहने पर वहां से केला लादकर कानपुर जा रहे थे। एसपी शशांक सिंह ने बताया कि पूर्व सांसद द्वारा पहले की गई शिकायत के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन फिलहाल घटना के सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है।



