उत्तर प्रदेशराज्‍य

यूपी के इन 4 शहरों में बनेंगी ‘एजुकेशन टाउनशिप’, स्कूल-कॉलेज के साथ मिलेगी कोचिंग की सुविधा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी में नई एजुकेशन टाउनशिप बसाने की तैयारी कर रही है। इन टाउनशिप्स में स्कूल, कॉलेज और प्रोफेशनल कोर्स की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए कोचिंग की सुविधा भी शामिल होगी। आवास विभाग ने इसका प्रारूप तैयार करना शुरू कर दिया है। एजुकेशन टाउनशिप 100 से 150 एकड़ में विकसित की जाएगी और इसमें आवासीय योजनाएं भी होंगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों को परिसर में ही रहने की सुविधा मिले।

एजुकेशन सिटी का उद्देश्य और चरणबद्ध योजना

सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में एक एजुकेशन सिटी विकसित करना है, जहां नामी संस्थाओं को स्कूल और कॉलेज खोलने के लिए भूमि आवंटित की जाएगी। आवास विभाग की बैठक में इस एजुकेशन सिटी के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। पहले चरण में चार प्रमुख शहरों के प्राधिकरणों को चिन्हित किया जाएगा और उनकी कार्ययोजना शासन को सौंपी जाएगी। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

हर जिले में बनेगा रोजगार और कौशल विकास केंद्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योग, कौशल और प्लेसमेंट को केंद्र में रखते हुए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन’ की कार्ययोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत प्रदेश के हर जनपद में न्यूनतम 50 एकड़ में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र’ विकसित किया जाएगा। यह पहल प्रदेश में औद्योगिक विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से की जा रही है।

इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल और एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को स्थायी रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता केंद्र बनाया जाए। हर जनपद में विकसित ये जोन इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल और एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम के रूप में कार्य करेंगे, जहां उद्योग, प्रशिक्षण और सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। जिलों में आवश्यक भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

केंद्र की विशेषताएं

हर रोजगार और कौशल विकास केंद्र में जी-3 भवन में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र’ स्थापित होगा। इसमें रोजगार, प्रशिक्षण और कॉमन फैसिलिटी सेंटर के रूप में कार्य करने की व्यवस्था होगी। केंद्र में ओडीओपी उत्पादों के लिए डिस्प्ले जोन, प्रशिक्षण हॉल, मीटिंग सुविधाएं, जिला उद्योग केंद्र, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, जिला रोजगार कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर और बैंकिंग सुविधाएं शामिल होंगी। यह केंद्र युवाओं और उद्यमियों के लिए वन-स्टॉप सपोर्ट सिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा।

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