एयर इंडिया विमान हादसे में मारे गए लोगों के परिवार को 1 करोड़ देगा टाटा, रेलवे ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

नई दिल्ली: अहमदाबाद में गुरुवार को एयर इंडिया का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान लंदन जा रहा था। विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था। जांच जारी है। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं। टाटा ग्रुप ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। इसके साथ ही, घायलों के इलाज का खर्च भी टाटा ग्रुप उठाएगा। ग्रुप BJ मेडिकल के हॉस्टल को फिर से बनाने में भी मदद करेंगे। यह घोषणा टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने की है। विमान हादसे के मामले में अंतरराष्ट्रीय नियम भी लागू होते हैं। ये क्या हैं, यहां हम उनके बारे में भी जानेंगे।
अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास एयर इंडिया का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। लंदन जा रही उड़ान एआई171 में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान था। दुर्घटना के बाद मुआवजे को लेकर बातें हो रही थीं। इस बीच टाटा ग्रुप ने मुश्किल समय में पीड़ितों के साथ खड़े होने का ऐलान किया। कंपनी हर संभव मदद करने के लिए तैयार है।
टाटा ग्रुप ने किया 1 करोड़ देने का ऐलान
एन. चंद्रशेखरन ने कहा, ‘टाटा ग्रुप इस त्रासदी में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 1 करोड़ रुपये देगा। हम घायलों के इलाज का खर्च भी उठाएंगे। यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें हर जरूरी देखभाल और सहायता मिले। इसके अलावा, हम BJ मेडिकल के हॉस्टल के निर्माण में भी सहायता प्रदान करेंगे।’
क्या कहते हैं अंतरराष्ट्रीय नियम?
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में मौत या शारीरिक चोट लगने पर मुआवजा देने के नियम हैं। भारत मॉन्ट्रियल कन्वेंशन, 1999 के तहत बाध्य है। यह एक अंतरराष्ट्रीय संधि है। इस कन्वेंशन के अनुसार, मुआवजे में शामिल हैं: 128,821 स्पेशल ड्राइंग राइट्स (SDRs) तक, जो लगभग 1.4 करोड़ रुपये प्रति यात्री होता है। यह मुआवजा एयरलाइन की गलती के बिना भी मिलने का प्रावधान है। अगर यह साबित हो जाता है कि एयरलाइन की लापरवाही थी तो और भी ज्यादा मुआवजा मिल सकता है। यह नियम अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू होता है। लेकिन, विमानन नियामक DGCA के अनुसार, भारतीय एयरलाइंस अक्सर घरेलू उड़ानों के लिए भी ऐसा ही कवरेज देती हैं।
मुआवजे के अलावा ट्रैवल इंश्योरेंस
एयरलाइन के मुआवजे के अलावा ट्रैवल इंश्योरेंस भी बहुत जरूरी है। यह दुर्घटनाओं, देरी या अस्पताल में भर्ती होने जैसी स्थितियों में मदद करता है। आमतौर पर, ट्रैवल इंश्योरेंस का इस्तेमाल सामान खोने, मेडिकल इमरजेंसी या ट्रिप कैंसिलेशन के लिए होता है। लेकिन, यह हवाई दुर्घटनाओं जैसी गंभीर घटनाओं में भी बहुत काम आता है।
स्पेशलाइज्ड फ्लाइट एक्सीडेंट इंश्योरेंस खास तौर पर हवाई यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं के लिए कवरेज देता है। हवाई दुर्घटनाएं कम होती हैं। लेकिन, इनके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। इसलिए, यह इंश्योरेंस उन यात्रियों के लिए अच्छा है जो वित्तीय सुरक्षा चाहते हैं।
कॉम्प्रिहेंसिव ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान यात्रियों को कई तरह के जोखिमों से बचाने के लिए बनाया गया है। इनमें आमतौर पर एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट (25 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक) और परमानेंट डिसेबिलिटी मुआवजा (5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक) शामिल होता है।
मेडिकल इमरजेंसी में पॉलिसी अस्पताल में भर्ती होने और मेडिकल इवैक्यूएशन के खर्चों को कवर करती है। फ्लाइट में देरी या ट्रिप कैंसिलेशन होने पर भी यात्रियों को रिइम्बर्समेंट मिलता है। कई प्लान अस्पताल में रहने या यात्रा में बड़ी रुकावट आने पर फिक्स्ड डेली अलाउंस भी देते हैं। इससे मुश्किल समय में वित्तीय बोझ कम होता है।


