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नोएडा के व्यवसाई से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, चेन्नई, असम व भुवनेश्वर में जालसाजों के अकाउंट

नोएडा। नोएडा में अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी में जालसाजों ने शेयर बाजार में निवेश करने का झांसा देेकर कारोबारी से 9.09 करोड़ ठग लिए। जालसाजों ने कारोबारी को व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ा और एप डाउनलोड कराकर रुपये ऐंठ लिए। एसीपी साइबर क्राइम विवेक रंजन राय का कहना है कि केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।

साइबर सेल को दी शिकायत में सेक्टर-40 के बी ब्लाॅक निवासी कारोबारी रजत बोथरा ने बताया कि 28 अप्रैल को जालसाजों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और ग्रुप में शेयर ट्रेडिंग से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही एप डाउनलोड हो गया। उस एप में बैंक खातों की जानकारी भी साझा की गई। ठगों ने झांसे में लेकर उन्हें निवेश करने पर राजी कर लिया।
इस पर रजत ने अपने आइडीएफसी बैंक के खाते से 13 बार में 9.09 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। इतनी बड़ी रकम जमा करने के बाद जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तब वह निकाल नहीं पाए। एप्लीकेशन ने रुपये निकालने की अनुमति नहीं मिली। साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित ने 29 मई को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने फ्रीज कराए 1.62 करोड़ रुपये

एसीपी साइबर सेल विवेक रंजन राय का कहना है कि कारोबारी के साथ यह घटना एक से 27 मई के बीच हुई है। सेल ने रजत के खाते में 1.62 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए हैं। जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनमें अधिकतर चेन्नई, असम, ओडिशा, हरियाणा व राजस्थान के हैं। इसके लिए पुलिस की एक टीम बनाई गई है।

ऑनलाइन ट्रेडिंग में सबसे अधिक ठगी

हाल के दिनों में जितनी भी साइबर ठगी की वारदात नोएडा में सामने आई हैं, उनमें ऑनलाइन ट्रेडिंग व गूगल रिव्यू को लेकर सबसे अधिक ठगी हो रही है। दरअसल ऑनलाइन ट्रेडिंग में जालसाज जल्द से जल्द इतने मुनाफा का सपना दिखा देते हैं कि लोग लालच में आकर लाखों, करोड़ों रुपये लगा देते हैं। ऐसा ही गूगल रिव्यू में भी है। गूगल रिव्यू में घर बैठे आसानी से लाखों की कमाई करने के चक्कर में लोग फंस रहे हैं।

टेलीग्राम ग्रुप भी पीछे नहीं

साइबर जालसाज व्हाट्सएप ग्रुप के अलावा ठगी के लिए सबसे अधिक टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। टेलीग्राम ग्रुप पर इस तरह के अपराध अधिक हो रहे हैं। टेलीग्राम पर भी इस तरह की कई घटनाएं नोएडा-ग्रेनो में हुई हैं। टेलीग्राम पर सबसे अधिक नाइजीरियाई गिरोह सक्रिय है और यह जालसाज इस ग्रुप में देश व विदेश के लोगों को जोड़ते हैं, ताकि लोगों को विश्वास हो जाए कि उनकी कंपनी की कई देशों में शाखाएं हैं।

खातों की पड़ताल के बाद करते हैं संपर्क

साइबर ठगी की बड़ी घटनाओं में शामिल जालसाज होमवर्क करने के बाद किसी से संपर्क करते हैं। साइबर क्राइम विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरा खेल डेटा से संबंधित है। जालसाजों के पास बैंकों का डेटा मौजूद होता है। इस डेटा से खातों की पड़ताल करने के बाद टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर संपर्क कर उन्हें झांसा देकर फंसाते हैं। जांच में पुलिस को भी कई बार इस तरह के इनपुट मिले हैं।

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