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आगरा में दो बुजुर्ग बहनों की संदिग्ध हालत में मौत, बंद मकान से शव बरामद

बृहस्पतिवार को तेज दुर्गंध इलाके में फैली तो दूधिए ने उनके पड़ोसियों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस की मदद से दरवाजे तोड़कर देखा तो दोनों बहनों के शव मिले। पुलिस का अनुमान है कि दोनों की मृत्यु चार से पांच दिन पूर्व हो चुकी होगी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

शाहगंज क्षेत्र के वेस्ट अर्जुन नगर रोड पर राम वाटिका है। हनुमान मंदिर स्थित 4 नंबर डुप्लैक्स फ्लैट है। जिसमें नीचे का फ्लैट बंद था। ऊपर फ्लैट में 65 वर्षीय मधुमिता और 61 वर्षीय रितु रहती थीं। मधुमिता नवोदय विद्यालय से नर्सिंग हेड के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं।

बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे दूधिए ने गेट खटखटाया। कई बार घंटी बजाई। लेकिन, कोई निकल कर नहीं आया। गेट पर तेज दुर्गंध आ रही थी। दूधिए ने पड़ोसी ओपी वर्मा को इसकी जानकारी दी। बताया कि वह तीन दिन से लगातार बेल बजाकर लौैट रहा है, लेकिन गेट नहीं खुल रहा है।

ओपी वर्मा मॉर्निंग वॉक के लिए जा रहे थे। उन्हें भी दुर्गंध आई तो उन्होंने नीचे फ्लैट मालिक सुनील जैन को फोन किया। सुनील जैन फ्लैट पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचित किया। फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर घुसी। सामने एक तरफ हॉल में सोफे पर मधुमिता और दूसरी तरफ कमरे में बैड पर रितु का शव पड़ा था। दोनों के शव काफी फूल चुके थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लिया। जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया।

चार दिन से नहीं आईं थीं मॉर्निंग वॉक पर

पड़ोसी ओपी वर्मा ने बताया कि दोनों बहनों का आसपास के लोगों से कोई मेलजोल नहीं था। दोनों फ्लैट में अकेली रहती थीं। कोई उनके पास आता-जाता नहीं था। दोनों सुबह सिर्फ मॉर्निंग वॉक पर दिखाई देती थीं। चार दिन से मॉर्निंग वॉक पर भी नहीं आई थीं। सब्जी वाला, दूध वाला रोज गेट खटखटाते थे। कोई जवाब नहीं मिलने पर लौट जाते थे।

विंग कमांडर की रिश्तेदार हैं महिलाएं

मधुमिता और रितु की दो बहनें और हैं। एक कानपुर, दूसरी गाजियाबाद रहती हैं। एक बहन की बेटी नोएडा में रहती हैं। उनके पति वायु सेना में अधिकारी हैं। दोनों बहनों को सूचना भेजी गई। जिसके बाद वायु सेना के दो अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। फिर, वहां से चौकी सराय ख्वाजा गए। पुलिस से मामले की जानकारी की। शाम को नोएडा से बेटी भी आगरा पहुंच गई।

2004 में खरीदा था फ्लैट

हनुमान मंदिर के पास पीपल का पेड़ है। इसी मकान में ऊपर और नीचे दो अलग-अलग फ्लैट हैं। ऊपर फ्लैट में एक कमरा, एक हॉल, किचिन व टायलेट था। यह फ्लैट 2004 में मधुमिता ने खरीदा था। 20 साल से मधुमिता के साथ रितु रहती थी। नीचे का फ्लैट शशि शर्मा का था। जिसे 2021 में सुनील जैन ने खरीदा था। लेकिन, यह फ्लैट खाली पड़ा था। सुनील जैन दूसरे मकान में पीछे की गली में रहते थे।

आत्महत्या का मामला

दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। दरवाजे अंदर से बंद थे। फील्ड यूनिट ने दरवाजे तोड़कर शव निकाले। शव तीन से चार दिन पुराने हैं। प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। -सूरज कुमार राय, डीसीपी सिटी

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