अपराधदिल्ली/एनसीआरनोएडा

दुबई और चीनी गैंग के जरिए भारतियों संग ठगी, नोएडा में चीन का नागरिक समेत पांच गिरफ्तार; इस तरह बनाते थे निशाना

बेहतर निवेश अवसरों के नाम पर लोगों को ठगने के आरोप में एक चीनी नागरिक समेत पांच लोगों को उत्तर प्रदेश के नोएडा से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया कि उन्हें सिम कार्ड की थोक खरीद के बारे में जानकारी मिली थी. इनमें से कुछ सिम विदेशों में सक्रिय थे और उनका इस्तेमाल विभिन्न प्लेटफार्मों पर सोशल मीडिया अकाउंट चलाने के लिए किया जा रहा था.

डीसीपी (नोएडा) विद्या सागर मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोगों को ठगने वाले गैंग में शामिल एक चीनी नागरिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मिश्रा ने बताया कि उनके कब्जे से कुल 21 मोबाइल फोन, 94 नए सिम कार्ड समेत 223 सिम, दो लैपटॉप, सात आधार कार्ड आदि जब्त किए गए हैं.

चीनी नागरिक के पास है अगस्त तक का वीजा 

डीसीपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान तेनजिन कलसांग, कृष्ण मुरारी, त्सेरिंग धोंडुप, शोभित तिवारी और चीनी नागरिक झू जुनकाई के रूप में हुई है. जुनकाई के पास इस साल अगस्त तक वैध वीजा है. चीनी नागरिक धोखाधड़ी के लिए एक सूत्रधार के रूप में काम करता था और मामले में शामिल अन्य आरोपियों के बीच एक कड़ी था. उन्होंने कहा कि वह अक्सर दुबई, भारत और चीन की यात्रा करता था.

ठग म्यूल बैंक खातों का करते थे इस्तेमाल 

मामले की जांच का नेतृत्व करने वाली एसीपी (नोएडा 3) शाव्या गोयल ने कहा कि आरोपियों ने धन के लेन-देन के लिए (Mule Accounts) दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे. गोयल ने बताया कि यह एक हालिया कार्यप्रणाली है, जिसमें ठग हर लेन-देन के लिए कुछ पैसे के बदले भोले-भाले लोगों के बैंक खाते लेते हैं. इन खातों को म्यूल अकाउंट्स के रूप में जाना जाता है.

बचत खाते पर प्रति ट्रांजेक्शन देते थे 3 हजार रुपये 

उन्होंने कहा कि हाल ही में ऐसे ही एक म्यूल खाते से 51 लाख रुपये के एक लेन-देन ने समूह की गतिविधियों को पुलिस के रडार पर ला दिया था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की और आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, म्यूल खातों के माध्यम से किए गए हर लेन-देन पर आरोपी ने बचत खाते के लिए 3,000 रुपये और कॉर्पोरेट खाते के लिए 20,000 रुपए का भुगतान किया था.

इन धाराओं में पुलिस ने दर्ज किया केस 

पुलिस ने कहा कि वे मामले की आगे की जांच कर रहे हैं और मामले में पूरे पैसे के लेन-देन की जांच कर रहे हैं. पुलिस ने बताया कि एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120 बी (आपराधिक साजिश), 467 (मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत की जालसाजी) और 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

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