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वोटिंग के बाद मत प्रतिशत कैसे बढ़ा, चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में बताया

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से एक याचिका पर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। अदालत में एक गैर सरकारी संगठन ने यह याचिका दायर की। याचिका में चुनाव आयोग से प्रत्येक चरण की वोटिंग के 48 घंटे के भीतर मतदान का डेटा वेबसाइट पर अपलोड करने की मांग की गई है। यह भी मांग की गई है कि इस बारे में शीर्ष अदालत द्वारा चुनाव आयोग को निर्देश दिए जाएं।

एडीआर ने शीर्ष अदालत में दायर की याचिका

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पादरीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिसरा की पीठ ने इस याचिका पर शाम 6.30 बजे सुनवाई की। बता दें कि एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) एनजीओ द्वारा अदालत में यह याचिका दायर की गई थी।  मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि याचिका पर जवाब देने के लिए चुनाव आयोग को कुछ समय दिया जाना चाहिए। अदालत ने इस मामले को 24 मई के लिए सूचीबद्ध किया है। बता दें कि 24 मई के ठीक एक दिन बाद लोकसभा चुनाव में छठे चरण के तहत मतदान होना है।

प्रशांत भूषण ने की थी जल्द सुनवाई की मांग 

इससे पहले एडीआर एनजीओ की तरफ से वकील प्रशांत भूषण अदालत में पेश हुए थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि इस मामले को सुनवाई के लिए जल्द से जल्द सूचीबद्ध किया जाए। पिछले हफ्ते एडीआर एनजीओ ने अपनी 2019 की जनहित याचिका में एक अंतरिम आवेदन दायर किया था। आवेदन में चुनाव पैनल को निर्देश देने की मांग की गई थी कि सभी मतदान केंद्रों के आंकड़े मतदान के तुरंत बाद वेबसाइट पर अपलोड किए जाएं।

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