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गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में अजय राय को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, ट्रायल पर रोक लगाने की याचिका खारिज

कांग्रेस पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य के अध्यक्ष अजय राय को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज केस के खिलाफ दाखिल की गई अजय राय की याचिका को खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट ने अजय राय के खिलाफ दर्ज 24 से ज्यादा क्रिमिनल केसेस के आधार पर उन्हें कोई भी राहत देने से इंकार कर दिया है.

अजय राय और चार अन्य के खिलाफ चौदह साल पहले वाराणसी के चेतगंज थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी. वर्ष 2010 में आईपीसी की धारा 147, 148, 448, 511, 323,504, 506, 120 बी और सेक्शन 7 आफ क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट, और सेक्शन 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट एंड एंटी सोशल एक्टिविटीज प्रीवेंशन एक्ट में एफआईआर दर्ज हुई थी. इस मामले में जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने 28 अक्टूबर 2011 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी.

कोर्ट ने खारिज की अजय राय की याचिका 

इस मामले में वाराणसी की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में केस का ट्रायल चल रहा है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की याचिका में ट्रायल कोर्ट में चल रही प्रोसिडिंग को रद्द करने की मांग की गई थी. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याची के खिलाफ 27 मुकदमों का आपराधिक इतिहास है. कोर्ट ने कहा की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को रद्द करने का कोई पुख्ता आधार नहीं है.

क्या अजय राय लड़ेंगे चुनाव?

कोर्ट ने केस को मेरिट पर न पाते हुए अजय राय की याचिका खारिज कर दी है. मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कुमार सिंह की सिंगल बेंच में हुई. कहा जा सकता है कि हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने की वजह से अजय राय को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि यह मामला लोकसभा चुनाव में मुद्दा बन सकता है.

वाराणसी सीट से कांग्रेस ने अजय राय को प्रत्याशी बनाया है. तो वहीं इस सीट से बीजेपी की तरफ से पीएम मोदी चुनावी रण में हैं. कोर्ट की तरफ से याचिका खारिज होने के बाद देखना ये होगा कि क्या अजय राय चुनाव लड़ेंगे या नहीं.

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