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भारतीयों से भरी फ्लाइट को इस देश ने क्यों भेज दिया वापस? अब विदेश मंत्रालय ने बताई वजह

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (09 मई) को पुष्टि की कि दुबई से कई भारतीय यात्रियों को ले जाने वाली एक चार्टर्ड उड़ान को उनके दस्तावेजीकरण की चिंताओं के कारण जमैका से वापस भेज दिया गया था.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, “हमें यह बताया गया है कि दुबई से एक चार्टर्ड उड़ान कई भारतीयों के साथ जमैका में उतरी थी. उनके पास पहले से यात्रा और होटल की बुकिंग थी. हालांकि स्थानीय अधिकारी उनके दस्तावेजों से संतुष्ट नहीं थे. उन्हें 7 मई को दुबई वापस भेज दिया गया.” हालांकि विदेश मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि क्या यात्री अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे.

दस्तावेजों में क्या थी गड़बड़ी?

हिंदुस्तान टाइम्स ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि 253 भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों को लेकर एक चार्टर्ड फ्लाइट पिछले गुरुवार को जमैका पहुंची. विमान में सवार कुछ भारतीयों ने दावा किया कि वे पांच दिवसीय दौरे पर थे, लेकिन उनके यात्रा कार्यक्रम में केवल एक दिन शामिल था. इमीग्रेशन ऑफिसर ने द ग्लीनर को बताया, यात्रा के उद्देश्य से उन्होंने कहा कि वे आइलैंड का दौरा करने के लिए पांच दिन रुक रहे हैं, लेकिन उनके पास एक दिन के लिए यात्रा कार्यक्रम था.”

किंग्स्टन में नॉर्मन मैनली इंटनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों को उनके यात्रा दस्तावेजों में समस्याएं मिलीं. नतीजतन, उन्हें एंट्री से मना कर दिया गया लेकिन किंग्स्टन शहर के आरओके होटल में अस्थायी रूप से रहने की अनुमति दी गई.

एक और डंकी फ्लाइट?

दरअसल, कथित तौर पर ये ग्रुप जमैका से होकर गुजर रहा था, कुछ लोग आवास विकास परियोजना के लिए निकारागुआ जा रहे थे, जबकि अन्य ने कनाडा की यात्रा करने की योजना बनाई थी. जमैका सरकार ने अभी तक उनकी यात्रा के उद्देश्य की पुष्टि नहीं की है. पुलिस संभावित मानव तस्करी अभियान की जांच कर रही है.

इसी तरह की एक घटना पिछले साल हुई थी जब दुबई से निकारागुआ जाने वाली एक चार्टर्ड उड़ान को एक फ्रांसीसी हवाई अड्डे पर रोक दिया गया था. फ्लाइट में 276 भारतीय यात्रियों को वापस लाया गया था.

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