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अतीक अहमद का बेटा उमर बोला-अब्बा की जिद थी उमेश को मारना है…

प्रयागराज में हुए उमेश पाल और दो सरकारी गनर की हत्या माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर अहमद की जानकारी में हुई थी। हत्याकांड से पहले मुठभेड़ में मारा गया अतीक का बेटा असद, गुड्डू मुस्लिम और सदाकत लखनऊ जेल में उससे मिलने आये थे। उन्होंने हत्याकांड की पूरी योजना उमर को बताई थी। इस बात को उमर ने  पुलिस को दिए गए अपने बयान में कुबूल भी किया है। पुलिस ने लखनऊ जेल में उमर का जो बयान दर्ज किया है उसमें उमर ने पुलिस को बताया कि उमेश पाल की वजह से अब्बा को बहुत नुकसान हो रहा था और उमेश की लगातार पैरवी से उनकी जमानत भी खारिज हो रही थी। उसने बताया, जो लोग अब्बा से जुड़ का जमीन का धंधा करते थे, वो लोग भी उनसे दूरी बनाकर उमेश के पास चले गए थे इस वजह से अब्बा उमेश को मरवाना चाहते थे और उनकी बात को किसी ने काटा भी नहीं।

ऐसे सामने आया देवरिया जेल कांड का सच

बता दें कि माफिया अतीक अहमद ने अपने काले कारोबार में सबसे पहले बड़े बेटे को ही उतारा था। दरसअल, अतीक का बड़ा बेटा उमर नोएडा में LLB कर रहा था। पिता के जेल जाने के बाद अतीक के बिल्डरों से लेन-देन का काम उमर ही करने लगा था। उसी दौरान साल 2018 में अतीक ने अपने बेटे उमर और अन्य गुर्गो से बिल्डर मोहित जायसवाल का अपहरण करवा लिया और उसे देवरिया जेल के अंदर उल्टा लटकाकर मारा। इसके बाद मोहित की कंपनी को अपने नाम करवा लिया। पिटाई में अतीक ने मोहित की उंगलियां तक तोड़ दी थी। अतीक के चंगुल से निकलने के बाद पीड़ित मोहित ने लखनऊ के कृष्ण नगर थाने में अतीक और उसके बेटे सहित कई गुर्गों पर मुकदमा दर्ज कराया तो देवरिया जेल कांड का सच सामने आ सका।

लखनऊ जेल में बंद है उमर

सुप्रीम कोर्ट में जब इस मामले की सुनवाई हुई तो कोर्ट ने अतीक के देवरिया जेल कांड की जांच CBI को सौंपी और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अतीक को UP से बाहर गुजरात की साबरमती जेल में रखने का आदेश दिया ताकि अतीक अपने रसूख का यूपी में इस्तेमाल न कर सके। CBI ने देवरिया जेल कांड की जांच की और जांच में ये खुलासा हुआ था कि जेलर और जेल के अन्य कर्मचारी अतीक को जेल में एक राजा की तरह रखते थे। हालांकि जांच के बाद सभी जेल कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। इस केस में अतीक के कई गुर्गे  गिरफ्तार हुए थे लेकिन अतीक का बेटा दो साल तक CBI को चकमा देकर फरार रहा। CBI ने उसके ऊपर 2 लाख का इनाम रखा था। उमर ने साल 2022 में लखनऊ की CBI कोर्ट में सरेंडर कर दिया था तब से अब तक वो लखनऊ जेल में बंद है।

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