अंतर्राष्ट्रीय

ब्रिटिश संसद से रवांडा निर्वासन विधेयक को मंजूरी, प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को मिली राहत

यूनाइटेड किंगडम की संसद ने सोमवार (22 अप्रैल) को कंट्रोवर्शियल रवांडा डिपोर्टेशन बिल (Rwanda Deportation Bill) पारित कर दिया. हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स के बीच लंबी खींचतान के बाद यह बिल पारित हो गया. द गार्डियन के मुताबिक इस विधेयक को मंगलवार को शाही मंजूरी मिलने की उम्मीद है.

इसे यूके में अवैध प्रवास को रोकने के लिए लाया गया है. विशेष रूप से क्रिमिनल गैंग की मदद से अवैध और खतरनाक छोटी नावों पर यात्रा कर ब्रिटेन पहुंचने वालों के लिए. यह बिल अनियमित तरीकों से ब्रिटेन पहुंचे और शरण चाहने वालों को रवांडा में निर्वासित करने की मंजूरी देता है.

पहला दस्ता जुलाई में होगा रवाना

द गार्डियन के मुताबिक गृह कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि उन्होंने पहले ही ब्रिटेन में रह रहे कमजोर  कानूनी दावों वाले और शरण चाहने वालों के एक ग्रुप की पहचान कर ली है, जो जुलाई में पूर्वी अफ्रीका भेजे जाने वाली पहली किश्त का हिस्सा होंगे.

गृह सचिव, जेम्स क्लेवरली ने इस बिल के पास होने को एक ऐतिहासिक क्षण बताया. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, ‘रवांडा सुरक्षा विधेयक संसद में पारित हो गया है और यह कुछ ही दिनों में कानून बन जाएगा.‘

क्लेवरली ने लिखा, ‘यह कानून लोगों के निष्कासन को रोकने के लिए झूठे मानवाधिकार दावों और कानून के इस्तेमाल पर रोक लगाएगा.

बिल के विरोधियों का तर्क

इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी यूके में एडवोकेसी की निदेशक डेनिसा डेलिक ने सोमवार को कहा, ‘रवांडा सुरक्षा बिल के आज पारित होने के बावजूद, रवांडा में शरणार्थियों को भेजना एक अप्रभावी, अनावश्यक रूप से क्रूर और महंगा रूख है.’

डेलिक ने कहा, ‘अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों को आउटसोर्स करने के बजाय, हम सरकार से इस गुमराह योजना को त्यागने और इसके बजाय घर पर अधिक मानवीय और व्यवस्थित आव्रजन प्रणाली प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करते हैं.’

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