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कानपुर में भीषण सड़क हादसा, लोडर पलटने से हुई तीन की मौत, बारादेवी मंदिर जा रहे थे दर्शन करने

कानपुर: यूपी के कानपुर में चकेरी थानाक्षेत्र  सनिगवां में भीषण सड़क हादसे में दो महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 से ज्यादा लोग घायल हो गए। बताया जारा है कि फतेहपुर से जूही बारादेवी मंदिर दर्शन करने के लिए सभी श्रद्धलु जा रहे थे। इसी दौरान श्रद्धलुओं से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे बड़ा हादसा हो गया।

तीन की मौत, 17 से ज्यादा घायल

बताया जा रहा है कि लोडर में सवार सभी दर्शनाथी भजन गाते हुए आ रहे थे एक में महिलाएं व बच्चे थे ,दूसरे में पुरूष सवार थे फतेहपुर से कानपुर के बारादेवी मंदिर राम नवमी पर दर्शन को आ रहे थे, तभी आगे निकलने की होड़ में एक लोडर पलट गया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई. जब की 17 से ज्यादा लोग घायल हो गए., मृतक की पहचान फतेहपुर के हथगांव निवासी कमलेश (45), भोला प्रसाद (60), दादी (50) के रूप में हुई है. मानागांव निवासी रामू ने बताया कि बुधवार दोपहर रामनवमी पर जूही स्थित बारादेवी मंदिर में दर्शन करने के लिए पिता रामपाल व रिश्तेदार व गांव के करीब 40 से 45 लोगों के साथ दो बोलेरो पिकअप बुक कराकर जा रहे थे।

एसीपी ने दिए जांच के आदेश

घटना को लेकर एसीपी चकेरी दिलीप सिंह ने बताया कि चकेरी थाना क्षेत्र के रामादेवी हाईवे के पास एक पिकप लोडर पलटने से कुल तीन लोगों की मौत हुई है। 17 से अधिक लोग घायल हुए हैं. घायलों का इलाज कांशीराम अस्पताल में चल रहा है।  उन्होंने बताया कि दो पिकप लोडरों पर 40 से अधिक लोग बैठे थे. दोनों लोडर आगे-पीछे चल रहे थे तभी अचानक एक लोडर पलट गया और ये हादसा हो गया फिलहाल जांच के आदेश दिए गए हैं।

हादसे के कारण बनी जाम की स्थिति

बता दें कि लोडर पलटते ही चीख-पुकार मच गई जिससे पीछे चलते वाहन वहीं ठहर गये काफी देर तक रामादेवी हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही. इसके कारण राहगीरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. वहीं, इस घटना को लेकर राहगियों ने बताया कि लोडर ओवरलोड था. अगर रास्ते में पुलिस सक्रियता दिखाती और चालक को अधिक सवारियां लेकर चलने न देती तो शायद घटना बच सकती थी. गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस की मदद से काशीराम अस्पताल लाया गया और यहां 6 घायलों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें हैलट अस्पताल रेफर किया गया डी सीपी पूर्वी श्रवण कुमार ने बताया अन्य घायलों की हालत स्थिर बनी हुई है

पूर्व में हुए बड़े सड़क हादसो से नहीं ले रहे सबक

माल वाहन में सवारियों को ढ़ोने पर लगी पाबंदी के बावजूद इसका पालन नहीं हो रहा है ना तो लोडर चालक और ना ही सवारी कोई भी मानने को तैयार नहीं है जबकि इसकी जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस के कंधों पर है ऐसे में वाहन चालकों के खिलाफ चालान के साथ वाहन सीज करने तक का प्रावधान है लेकिन सभी आंखें मूंदे रहते हैं चाहे घाटमपुर में ट्रैक्टर ट्राली पलटने से 26 लोगों की मौत हो या शिवराजपुर में हुआ सड़क हादसा कुछ दिन तक पुलिस एक्शन मोड में रहती है लेकिन फिर सब कुछ चलता है की तर्ज पर काम शुरू हो जाता है लेकिन हादसों से कोई भी सबक लेने को तैयार नहीं दिखाई देता है।

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