दिल्ली/एनसीआरनोएडा

नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों की मिली भगत से धड़ल्ले से चल रहा है सील हुई बिल्डिंग पर निर्माण आखिर कहां है नोएडा के अधिकारी

सेक्टर 104 हाजीपुर में नोएडा प्राधिकरण द्वारा सील की गई बिल्डिंग का ताला तोड़कर लगातार चल रहा है अवैध निर्माण

पूर्व में अवैध कब्जाधारकों ने दो बार प्राधिकरण द्वारा सील का ताला तोड़कर अवैध निर्माण किया जा रहा है

प्राधिकरण द्वारा दो बार एफआईआर करने के बावजूद पुलिस अवैध निर्माण रुकवाने में नाकाम

अवैध निर्माण करके आम जनमानस को फर्जी तरीके से दुकानें बेची जा रही हैं, जिससे जनता का पैसा फंस रहा है

नोएडा ब्यूरो से डेनियल की रिपोर्ट

सेक्टर 104 हाजीपुर में अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा प्राधिकरण और पुलिस को ताक पर रखकर कमर्शियल अवैध निर्माण किया जा रहा है और आमजन को धोखे से बचा जा रहा है, जिससे आम जनता का पैसा फस रहा है ।

विगत दिनों प्राधिकरण ने चिट्ठी लिखकर पुलिस को कार्य रुकवाने के लिए अनुरोध किया था।

पूर्व में भी ताला तोड़कर सील तोड़ दी गई थी निर्माण चालू कराया गया था और प्राधिकरण के संज्ञान में आते ही प्राधिकरण ने दोबारा से लगाई थी और दो बार मुकदमे दर्ज किए थे ।

आपको बता दें कि दिनांक 8 सितंबर 2023 को शिकायतकर्ता के द्वारा नोएडा प्राधिकरण को अवगत कराया गया कि प्राधिकरण की भूमि पर कमर्शियल वह निर्माण चल रहा है इसका संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण ने 30 अक्टूबर 2023 को सार्वजनिक रूप से अवैध निर्माण को सील किया और स्थानीय पुलिस को चिट्ठी के माध्यम से अवैध कार्य रुकवाने के लिए अवगत कराया था। लेकिन अवैध निर्माणकर्ताओं ने प्राधिकरण की सील तोड़कर पुनः निर्माण शुरू कर दिया इसके पश्चात 29 नवंबर 2023 को प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण के संबंध में स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई और पुनः निर्माण को सील कर दिया गया। लेकिन अवैध कब्जाधारी द्वारा सात जनवरी 2024 को पुनः ताला तोड़कर निर्माण शुरू कर दिया इसके संबंध में नोएडा फिर ने दुबारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई लेकिन आलम यह है कि अवैध कब्जाधारी कुछ अधिकारियों और माफियाओं से मिलीभगत करके लगातार आम जनता व प्राधिकरण को चूना लगाकर लगातार निर्माण कर रहे हैं।

यहां तक की अवैध दुकान वी कमर्शियल स्पेस भी बेच रहे हैं जिससे भविष्य में खरीदारों को भारी नुकसान होने की आशंका है।

गौरतलब है कि सिविल न्यायालय में दायर याचिका में नोएडा प्राधिकरण ने भूमि पर अपना दावा किया है और बिना मानचित्र निर्माण कार्य को अवैध बताया है।
परंतु अवैध निर्माणकर्ता धड़ल्ले से निर्माण कर बिल्डिंग में फर्जी तरीके से लोगों को दुकानें और ऑफिस बेच रहे हैं।

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