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15 अप्रैल तक CBI रिमांड पर रहेंगी के. कविता, जांच एजेंसी ने बताया क्या है घोटाले में भूमिका

दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से जुड़े केस में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के कविता को राउज एवेन्यू कोर्ट ने 15 अप्रैल, 2024 तक के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया गया है. अदालत ने इससे शुक्रवार (12 अप्रैल, 2024) को दिन में के. कविता को पांच दिन की हिरासत में देने के अनुरोध से जुड़ी सीबीआई की याचिका पर आदेश शाम तक के लिए सुरक्षित रख लिया था.

दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीबीआई ने कविता को गिरफ्तार किया है. कविता को आपराधिक साजिश और खातों में हेराफेरी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कुछ धाराओं के तहत सीबीआई ने हिरासत में लिया था. सीबीआई ने कोर्ट से बीआरएस नेता की 5 दिनों की रिमांड की मांग की थी.

अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने कहा कि आम आदमी पार्टी को 100 करोड़ रुपये के रिश्वत को अरेंज करने में के कविता का बड़ा रोल रहा है. वह मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक हैं. एक बड़े बिजनेसमैन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की और सीएम ने उन्हें आबकारी नीति के जरिये सपोर्ट का आश्वासन दिया था. इस मामले से जुड़े कई आरोपियों के बयान दर्ज हुए है. वकील ने कहा कि होटल ताज में बैठक हुई है.

कविता ने पैसे का इंतजाम करने में निभाई बड़ी भूमिका: सीबीआई 

सीबीआई ने कहा कि के कविता ने हैदराबाद में बिजनेसमैन से मुलाकात की थी. विजय नायर के कविता के संपर्क में था. बीआरएस नेता ने बिजनेसमैन से 100 करोड़ रुपये की अग्रिम धनराशि की व्यवस्था करने के लिए कहा था. कविता ने इस पैसे का इंतजाम करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी. सीबीआई ने कहा गोवा चुनाव के लिए हवाला के जरिए पैसा इकट्ठा किया गया. हमने व्हाट्सऐप चैट भी फाइल की है. पैसे आप गोवा से जुड़े एक व्यक्ति को मिला था.

जांच एजेंसी ने अदालत में कहा कि कविता ने दिल्ली में शराब नीति मामले में बातचीत करने के लिए शरत चन्द्र रेड्डी को आगे किया था. सरकारी गवाह दिनेश अरोड़ा ने अपने बयान में पुष्टि की है कि अभिषेक बोइनपल्ली ने बताया था कि विजय नायर को 100 करोड़ रुपये दिए गए थे. सीबीआई ने शराब नीति में अब तक दाखिल की गई चार्जशीट में मनीष सिसोदिया, विजय नायर और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर तथ्य कोर्ट के सामने रखे, जिसके आधार पर कविता की हिरासत मांगी गई.

सीबीआई ने बताया क्यों चाहिए कविता की हिरासत?

अदालत में सीबीआई ने बताया कि ब्लैकलिस्टेड होने के बावजूद इंडो स्प्रिट को मनीष सिसोदिया के दबाव में लाइसेंस दिया गया. बुच्ची बाबू के चैट से ये खुलासा हुआ है कि के कविता की इंडो स्प्रिट में हिस्सेदारी थी. हवाला ऑपरेटर के स्टेटमेंट में ये खुलासा हुआ कि 11.9 करोड़ का भुगतना हुआ. जांच एजेंसी ने कहा कि दिनेश अरोड़ा के बयान से ये स्पष्ट है कि अभिषेक बोइनपल्ली ने इस बात की जानकारी दी थी कि विजय नायर को 100 करोड़ दिए गए.

सीबीआई ने कहा साउथ में सिंडिकेट चलाने के लिए के कविता का शराब नीति मामले में मुख्य भूमिका है. कविता से मामले में अहम पूछताछ करनी है. तिहाड़ जेल में जो पूछताछ की गई उसमें में कविता ने सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया, इसलिए हमें पूछताछ करने के लिए कस्टडी चाहिए. जो गावाह और सुबूत हमारे पास है उनके साथ कविता का सामना करवाना है. इस मामले में और लोग भी शामिल है जिनका हमे पता लगाना है. इसलिए हमें कस्टडी चाहिए.

अदालत में हिरासत मांगने के दौरान सीबीआई ने कहा कि मार्च-मई 2021 में जब आबकारी नीति बनाने की प्रकिया जारी थी, उस वक्त अरुण पिल्लई, बुच्ची बाबू, अभिषेक बोइनपल्ली. ये सब दिल्ली में होटल ताज में ठहरे हुए थे. कविता ने दिसंबर 2021 में शरत रेड्डी पर 25 करोड़ की रकम देने का दबाव बनाया था. रेड्डी के इनकार करने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी.

हिरासत में पूछताछ का कोई प्रावधान नहीं: कविता के वकील

वहीं, के कविता के वकील ने दलील रखते हुए कहा कि हमने एक एप्लिकेशन लगाई है. पहले हमारी मांग पर सुनवाई हो उसके बाद ही कविता की हिरासत पर कोई आदेश दिया जाए. दरअसल, गुरुवार  को एप्लिकेशन लगा कर बीआरएस नेता के वकीलों ने सीबीआई की रिमांड एप्लीकेशन दिए जाने की मांग की थी. वकीलों ने सीबीआई हिरासत का विरोध किया.

कविता के वकील ने कहा कि सीआरपीसी में न्यायिक हिरासत में किसी व्यक्ति से पूछताछ करने का कोई प्रावधान नहीं है. सीबीआई जेल के नियमों को दरकिनार नहीं कर सकती है. वकील ने कहा कि मुझे कोई अवसर दिए बिना, मुझे कोई नोटिस नहीं दिया गया (पूछताछ के लिए सीबीआई का आवेदन), मुझे कोई अग्रिम प्रति नहीं दी गई. यह मेरे संवैधानिक अधिकार को प्रभावित करता है. संविधान का अनुच्छेद 20(1) कहता है कि किसी से भी हिरासत में लेकर पूछताछ से पहले उसका भी पक्ष सुना जाए.

जांच में सहयोग नहीं करना गिरफ्तारी का आधार नहीं: कविता के वकील

कविता की कस्टडी की मांग पर सुनवाई करते हुए बीआरएस के वकील ने सीबीआई द्वारा सरगना कहे जाने के आरोप पर जवाब देते हुए कहा कि जो सबूत जांच एजेंसी पेश कर रही है, वो कम से कम छह से आठ महीने पहले के हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि आप गिरफ्तारी के समय पर सवाल क्यों उठा रहे हैं?

वकील ने सीबीआई हिरासत का विरोध करते हुए जांच में सहयोग नहीं करना, गिरफ्तारी का आधार नहीं हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट का पंकज बंसल स्टेटमेंट यही कहता है. कविता की गिरफ्तारी अवैध और अन्यायपूर्ण है. सीबीआई जिन सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी करना चाहती है उसका संबंध मुझसे नहीं है.

वकील ने कहा कि गिरफ्तारी का कोई मामला नहीं बनता है. धारा 41 का दुरुपयोग किया गया है. गिरफ्तारी का समय सबसे महत्वपूर्ण है. मैं हिरासत में हूं. वे मुझे हिरासत में रखने का प्रयास कर रहे है. मैं एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी का मौजूदा सदस्य हैं, लोकप्रिय नेता हूं. कुछ ही दिनों में तेलंगाना में चुनाव होने वाले है. समय महत्वपूर्ण है.

ईडी ने पिछले महीने किया था गिरफ्तार

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 मार्च को शराब नीति मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में हैदराबाद से कविता को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी से पहले उनसे पूछताछ की गई थी. अरेस्ट किए जाने के बाद से ही वह जेल में हैं. हाल ही में कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत को 23 अप्रैल तक बढ़ा दिया. तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी कविता को उस ‘साउथ ग्रुप’ का सदस्य बताया गया है, जिसने शराब नीति को लेकर 100 करोड़ रुपये रिश्वत दी थी.

कविता से कई घंटे हुई सीबीआई की पूछताछ

वहीं, सीबीआई ने तिहाड़ जेल में कविता से पूछताछ के लिए विशेष अदालत से इजाजत मांगी थी. मंजूरी मिलने के बाद जांच एजेंसी के अधिकारियों ने कविता से कई घंटे पूछताछ की थी. उनसे मनी लॉन्ड्रिंग में एक अन्य आरोपी बुच्ची बाबू के फोन से मिले व्हाट्सऐप चैट और एक भूमि सौदे से जुड़े हुए डॉक्यूमेंट्स को लेकर सवाल-जवाब किए गए. आरोप है कि शराब नीति में कथित बदलाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) को रिश्वत के रूप में 100 करोड़ रुपये दिए गए थे.

हिरासत मिली तो सीबीआई मुख्यालय में होगी पूछताछ

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, के. कविता को सीबीआई ने आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के साथ धारा 477-ए (खातों में हेराफेरी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 (लोक सेवक को रिश्वत देने के आरोप में संबंधित अपराध) के तहत गिरफ्तार किया. अगर सीबीआई को कोर्ट से कविता की हिरासत मिल जाएगी, तो उन्हें एजेंसी के मुख्यालय लेकर जाया जाएगा. यहां पर मामले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के अधिकारी उनसे सवाल करेंगे.

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